कोरोना काल के चलते शिक्षा पर काफी असर हुआ है और इसी को देखते हुए राजय सरकार ने उच्च शिक्षा की परीक्षाओं के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये गए है
राज्य सरकार ने यूजीसी की गाइडलाइन, सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय तथा विभागीय समिति के सुझावों को ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में सत्र 2020-21 की परीक्षाओं को करवाने के संबंध में रविवार को दिशा-निर्देश जारी किये हैं। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री भंवर सिंह भाटी ने बताया कि यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में ग्रेजुएशन थर्ड ईयर या फाइनल ईयर और फाइनल या टर्मिनल सेमेस्टर की परीक्षाएं जुलाई के अन्तिम सप्ताह या अगस्त के प्रथम सप्ताह से ऑफलाइन आयोजित की जाएंगी। इनके परिणाम 30 सितम्बर, 2021 तक जारी किये जाएंगे।

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उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रश्न-पत्रों में यूनिट की बाध्यता हटाते हुए परीक्षा की अवधि 3 घंटे के स्थान पर प्रति प्रश्न-पत्र डेढ़ घण्टे की रखी जाएगी।
इसके साथ प्रश्न-पत्रों में दिए गए प्रश्नों को अनुपातिक रूप से 50 प्रतिशत हल करने का विकल्प दिया जायेगा।
जिन विषयों में दो या तीन प्रश्न-पत्र होते है। सभी पेपर एक ही पारी में करवाए जाएंगे। जरुरत पड़ने पर परीक्षा केंद्र बढ़ाए जाएंगे।

मंत्री भाटी ने बताया कि जिन कोर्सेज में विद्यार्थियों की संख्या कम है और यूनिवर्सिटी के पास पर्याप्त संसाधन हैं, उनकी परीक्षाएं ऑनलाइन मोड पर करवाई जा सकती हैं। इसी प्रकार व्यावसायिक पाठ्यक्रम और सेमेस्टर पद्धति के पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं भी ऑनलाइन मोड पर आयोजित करवाई जाएंगी।
पोस्ट ग्रेजुएशन प्रीवीयस के विद्यार्थियों को अस्थाई रूप से अगली कक्षा में प्रवेश देकर ऑनलाइन टीचिंग 10 जुलाई, 2021 से प्रारंभ की जाएगी।

कोविड-19 से संकमित परीक्षार्थी, यदि परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाते या कोई परीक्षार्थी परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसे परीक्षा देने का अलग से विशेष अवसर प्रदान किया जाएगा।

वही ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर के विद्यार्थियों को 10 वीं और 12 वीं की परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के औसत के आधार पर अंक देकर अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा। कोविड परिस्थिति सामान्य होने पर द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षाएं सुविधानुसार ऑब्जेक्टिव या डिस्क्रप्टिव पैटर्न पर आयोजित कर 31 दिसम्बर, 2021 तक परिणाम जारी किए जाएंगे।