राज्य सरकार एवम् वित्त विभाग षड्यंत्र कर ग्राम पंचायतों के वित्तीय हितों पर कर रही है कुठाराघात: हनुमान खरवास

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। राज्य सरकार एवम् वित्त विभाग द्वारा एक बहुत बड़ा षड्यंत्र करते हुए ग्राम पंचायतों के वित्तीय हितों पर बहुत बड़ा कुठाराघात किया गया है। राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष हनुमान खरवास ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मीडिया से कहा कि वित्त विभाग एवम् राज्य सरकार की यह प्रक्रिया ग्राम पंचायतों की वित्तीय स्वायत्तता को समाप्त करने का एक बहुत बड़ा कुठाराघाती निर्णय है। वित्त विभाग द्वारा स्वयं के स्तर पर ही बैक डोर से ग्राम पंचायतों के ब्याज रहित पीडी (निजी निक्षेप) खाते खोल दिए गए है।

अब वित्त विभाग द्वारा बिना किसी को विश्वास में लिए ही विभाग पर दबाव बनाकर कोषालय / उप कोषालय के अधिकारियों के माध्यम से सरपंच एवम् ग्राम विकास अधिकारियों के डीडीओ कोड जनरेट किए जा रहे है। इसके पश्चात भविष्य में ग्राम पंचायतों के बैंक खाते में राज्य सरकार के किसी भी योजना की कोई राशि नहीं आएगी एवम् महात्मा गांधी नरेगा योजना की तरह संपूर्ण राशि राज्य सरकार के खाते में ही जमा रहेगी। पूर्व में भी फरवरी, 2019 में इस प्रकार का प्रयास किया गया था। जिसे आपके सहयोग से पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट साहब ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री से निवेदन कर स्थगित करवा दिया गया था। लेकिन सचिन पायलट के पंचायत राज मंत्री हटते ही सरकार सरपंचों पर अत्याचार करना चाहती है। लेकिन राजस्थान सरपंच संघ इसका विरोध करता है और आने वाले वक्त में एक बहुत बड़ा आंदोलन होगा। सरकार के खिलाफ कोई भी सरकार हो हमेशा ही सरपंच संघ को कमजोर करने की कोशिश करता है। सरपंच की कोई पार्टी नहीं होती, लेकिन फिर भी सरपंच को पार्टी से जोड़ दिया जाता है। राजस्थान प्रदेश में भी कांग्रेस सरकार अब सरपंच संघ को कमजोर करने के लिए बगरू ब्लॉक अध्यक्ष वर्तमान में सरपंच बंसीधर गढ़वाल को प्रदेशाध्यक्ष के लिए प्रेरित कर रही है। सरपंचों में फूट डालने की रणनीति अब सरपंच नहीं होने देंगे पिछली सरकार के अंदर भी सरपंचों की मांग थी और अब राजस्थान के अंदर कांग्रेस सरकार है तो सरपंच अपनी मांग मना कर ही रहेंगे भाजपा सरकार से पहले जब कांग्रेस की सरकार थी तो सरपंचों पर लाठीचार्ज हुआ था। सरपंचों ने टेंडर का विरोध किया था। उस आंदोलन को अपनी पार्टी के सरपंचों को फायदा देखकर सरपंच संघ आंदोलन कमजोर किया गया था। लेकिन अबकी बार ऐसा नहीं होगा।