जहां एक ओर डाक्टर भगवान बनकर लोगों का जीवन बचाने में लगे हे वही दूसरी ओर नैनवां उपखंड के देई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डा, सतीश सक्सेना ओर उनकी पत्नी देई चिकित्सा प्रभारी द्वारा जिंदगी ओर मौत के बीच संघर्ष कर रहे मरीजों से पैसा कमाने मे लगे हुये है,आउटडोर के समय पर चिकित्सालय पर मरीज नहीं देखकर अपने सरकारी आवास पर मरीजों से 100 रु फीस लेकर इलाज किया जाता हे, जिसके करीब आधा दर्जन से ज्यादा मामले सामने आ चुके है, जिसमें डाक्टर सतीश सक्सेना द्वारा मरीज घनश्याम मीणा के साथ भी आउटडोर समय में सरकारी पर्ची पर बाहर का एक्सरे लिख दिया , जब मरीज वापस आया तो डाक्टर सतीश सक्सेना घर चले गये ,जहां एक्सरे देखने ओर सरकारी पर्ची होने के बाद भी 100 फीस मांगने लगे तो मरीज के मना करने पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के साथ ही गाली-गलौज करने लग गये ,जिस पर मरीज ने आरोपी डॉक्टर सतीश सक्सेना के खिलाफ देई थाने में मामला दर्ज करवाया था, जिस पर दुसरे दिन सरकारी डाक्टर होने का फायदा उठाते हुये मरीज के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने का झुठा मुकदमा दर्ज कराया गया, साथ ही जनप्रतिनिधि गुढ़ासदावर्तिया की सरपंच खुशबू चोपदार के सीने में दर्द था तो वो चिकित्सालय मे दिखाने गई थी तो उनके साथ भी आउटडोर समय पर घर पर देखने के मामले में बदसलूकी की गई, वहीं अब मरीजो के साथ फीस को लेकर ओर बदसलूकी करने के मामले मीडिया में उजागर करने वाले संवाददाता पर भी दबाव बनाने के लिए डाक्टर सतीश सक्सेना की पत्नी जो चिकित्सालय की प्रभारी हे उनसे परमिशन क्यों नहीं ली ऐसा बोल कर संवाददाता को ही अनर्गल आरोप लगाकर अस्पताल में नहीं घुसने दिया, कहीं संवाददाता उनके काले कारनामों को उजागर न करने लग जाये ,ओर अस्पताल के बाहर संवाददाता की विडीयो बनाकर बदसलूकी करने लग गया , ताकी संवाददाता कोई खबर ना बना लें उसके खिलाफ , जब संवाददाता दबाव में नहीं आया तो सरकारी डाक्टर होने पर उनके खिलाफ भी राजकार्य में बांधा डालने की रिपोर्ट देई थाने में दर्ज करवा दी, राजनिति संरक्षण प्राप्त है, डाक्टर दम्पत्ति कोराजनिति संरक्षण प्राप्त है, डाक्टर दम्पत्ति को इसलिए नहीं होती कोई कार्यवाही, जानकारी के अनुसार डाक्टर सतीश सक्सेना ओर उनकी पत्नी चिकित्सा प्रभारी होने के साथ ही सत्तापक्ष का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने से करीब देती चिकित्सालय में ही मरीजों से आउटडोर समय पर घर पर देखने के 100 फिस लेने, बदसलूकी करने ओर डिलेवरी में 2000 रु लेने की कितनी ही शिकायते लोग क्षेत्र के विधायक ओर सरकार में राज्यमंत्री अशोक चांदना ,जिला कलेक्टर, चिकित्सा मंत्री , सहित उच्च अधिकारियों से सालों से करते आ रहे हैं, लेकिन इन डाक्टर दम्पत्ति को सत्तापक्ष का संरक्षण प्राप्त होने से लोगों की शिकायतों पर कोई कार्यवाही नहीं कर उनकी शिकायतों को रद्दी में डाल दिया जाता है, बता दें की देई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डाक्टर सतीश सक्सेना की पत्नी ही चिकित्सा प्रभारी हे, दोनों डाक्टर दम्पत्ति मिलकर मरीजों से घर पर देखने के बहाने 100 रु फीस लेकर उन्हें अस्पताल में इलाज के लिए भेज देते हे , ओर जब मरीज फीस के पैसे नहीं देता तो उसके साथ बदसलूकी करने से भी नहीं चुकते है ,ऐसे कई मामले थाने तक पहुंच जाते हैं , ओर मरीजों के बोलने या शिकायत करने पर झूठे राजकार्य के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है, चिकित्सक दम्पत्ति के खिलाफ की बार मरीजों द्वारा उच्च अधिकारियों से शिकायत भी की गई , लेकिन डाक्टर की पत्नी ही चिकित्सा प्रभारी होने ओर सत्तापक्ष का राजनैतिक संरक्षण प्राप्त होने से ऐसे डाक्टर पर जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही नहीं की जा सकती है, वहीं राजनीति संरक्षण प्राप्त होने से दोनों डाक्टर दम्पत्ति सत्ता के नशे में चुर होकर मरीजों ओर मीडिया कर्मियों से भी बदसलूकी करने लगे हैं, आखिर कौन करें ऐसे डाक्टर पर कार्यवाहीदेई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मामला… बाईट- डाक्टर के हत्याचार से परेशान मरीज