प्रधानाचार्य सीधी भर्ती के ट्विटर ने राजस्थान में ही नहीं बल्कि देश में भी किया ट्रेंड, ये रहे नंबर

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। प्रदेश में इस समय कई सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्य की कुर्सी खाली है। ऐसे में हाल ही में प्रधानाचार्य के पदों को सीधी भर्ती से भरने की मांग की गई है। जिसके संबंध में शिक्षा मंत्री के समक्ष ज्ञापन भी पेश किया गया था।

बहरहाल इसी बीच प्रधानाचार्य सीधी भर्ती को लेकर प्रदेश के शिक्षा विभाग के कई संगठनों ने सोशल मीडिया पर एक बड़ा अभियान चलाया है। जो इन दिनों प्रदेश में ही नहीं बल्कि भारत में भी ट्रेंड करता हुआ नजर आ रहा है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार बता दें कि प्रदेश के कई शिक्षक समुदाय ने 12 जून को ट्विटर पर प्रधानाचार्य सीधी भर्ती अभियान चलाया। इस दौरान ये अभियान भारत में नंबर 4 और राजस्थान में नंबर वन पर रहा।

साथ ही शिक्षक संगठनों ने इस दौरान मांग करी कि विभाग में प्रधानाचार्य सीधी भर्ती के नियम बने हुए हैं। लेकिन अभी तक राज्य में प्रधानाचार्य सीधी भर्ती के प्रावधानों को लागू नहीं किया गया। जबकि प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने 75% प्रमोशन से और 25% पद सीधी भर्ती से करने के बाद कही थी लेकिन आगे कार्रवाई नहीं हो सकी।

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इसके अलावा प्रदेश की सरकार ने वर्ष 1998 में प्रधानाध्यापक भर्ती के अलावा डीईओ के पदों पर भी सीधी भर्ती का नियम बनाया था। जो आज तक लागू नहीं हो पाए। उल्लेखनीय है कि राज्य में शिक्षा विभाग के अंतर्गत अधीनस्थ पदों पर 3.30 लाख से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं जो अपने पूरे जीवन काल में उच्च पदों पर जा ही नहीं पाते हैं, इसी कारण समस्त शिक्षक समुदाय की माँग है कि प्रधानाचार्य के पदों को 50% सीधी भर्ती और 50% पदोन्नति से भरा जाए।