Marudhar Desk: बुधवार को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा में भारी चूक देखने को मिली। गंभीर चूक इसलिए क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी जिस फ्लाईओवर पर फंसे थे, वो पाकिस्तान की सीमा से बहुत ज्यादा दूर भी नहीं था। इतना ही नहीं, ये गंभीर चूक इसलिए भी है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने खुद इसे अपनी जान का खतरा बताया। उन्होंने पंजाब सरकार के अधिकारियों से कहा कि वो अपने सीएम को थैंक्स कहें क्योंकि मैं बठिंडा एयरपोर्ट तक जिंदा लौट पाया। अब इस बात को लेकर सियासत तेज होती जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को लेकर पंजाब में जो लापरवाही हुई उसका जिम्मेदार कौन है..? जहां बीजेपी इस लापरवाही के लिए पंजाब सरकार और वहां की पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रही है तो वहीं कांग्रेस इसकी जिम्मेदारी SPG और IB पर मढ़ने की कोशिश में है। लेकिन इस भारी गलती के बाद कई तरह के सवाल खड़े होने लगे है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लोग पीएम मोदी के काफिले को दिखा रहे हैं। यानी आम लोग प्रधानमंत्री मोदी के काफिले से ज्यादा दूर नहीं थे। सबसे बड़ा सवाल उठता है कि अगर फ्लाईओवर पर काफिला फंस गया था तो आसपास के इलाके को खाली क्यों नहीं कराया गया? जब बड़ी संख्या में लोग पीएम मोदी के विरोध में पहुंचे तो क्यों उन लोगों की समझाइश क्यों नही की गई। दूसरा बड़ा सवाल ये है कि भाजपा नेता पंजाब सरकार पर सवाल खड़े कर रहे है जबकि प्रधानमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा SPG और IB का होता है।
लेकिन इस बीच सोशल मीडिया पर फिरोजपुर का वीडियो भी वायरल हो रहे है। दरअसल, इसी जगह पीएम मोदी पंजाब की जनता को संबोधित करने वाले थे। लेकिन सामने आ रहे वीडियोज में पीएम मोदी के कार्यक्रम स्थल पर खाली कुर्सियां दिखाई दे रही है। जिसके बाद सवाल ये भी खड़े हो रहे है कि पीएम मोदी के कार्यक्रम में भीड़ जमा न हो पाने के कारण पंजाब दौरा रद्द करना पड़ा है। कहा जा रहा है कि भाजपा की रैली में 70 हजार कुर्सियां लगा दी गईं, लेकिन लोग 700 आए।
जहां भाजपा का कहना है कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम रद्द होना कांग्रेस की साजिश है। उधर किसानों ने दावा किया है कि रैली रद्द होने की वजह किसानों का विरोध और पंजाबियों में मोदी की अस्वीकार्यता है। तो वहीं, कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी सुरक्षा में सेंध का ड्रामा कर रही है, जबकि पीएम रैली में भीड़ न होने की वजह से वापस गए। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बुधवार को पंजाब दौरे के वक्त सुरक्षा में हुई चूक पर जहां एक तरफ गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है तो वहीं दूसरी तरफ इस मामले में चरणजीत सिंह सरकार एक्शन में है। पंजाब सरकार ने हाई लेवल कमेटी बनाने का फैसला किया है। इस कमेटी में जस्टिस मेहताब सिंह गिल और गृह एवं न्याय मामले के प्रमुख सचिव अनुराग वर्मा को रखा गया है। यह कमेटी तीन दिन में अपना रिपोर्ट पेश करेगी। वहीं, प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंधमारी को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी चिंता जताई है। वहीं, PM की सुरक्षा में चूक के मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले की जांच करवाने की मांग की है। वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अभी तक प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक के किसी भी मामले को नकार रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने अचानक हवाई के बजाय सड़क मार्ग से जाने का कार्यक्रम बना लिया, जिसकी वजह से ऐसी स्थिति पैदा हुई। सीएम चन्नी का कहना है कि फिरोजपुर में भाजपा की रैली में कुर्सियां तो 70 हजार लगा दी गईं, लेकिन लोग 700 ही आए। जिसकी वजह से प्रधानमंत्री को रैली रद्द करनी पड़ी।