मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में जवाब देते नजर आ रहे है। इस दौरान अपने अभिभाषण में पीएम मोदी ने कोरोना वायरस से पैदा हुआ संकट सहित कई मुददों पर भाषण दिया। साथ ही पीएम मोदी ने इस दौरान विपक्षी पार्टियों को भी आड़े हाथों लिया। इसके अलावा उन्होंने दुनिया में भारत द्वारा दी जा रही मदद का उल्लेख किया है।

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जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी ने इस दौरान पीएम मोदी ने संसद में कोरोनावायरस, कृषि क्षेत्र, भारत में निवेश, प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना, किसान आंदोलन समेत कई मुद्दों का जिक्र किया। किसान आंदोलन को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि किसान आंदोलन पर सभी बात कर रहे हैं लेकिन सदन में किसी ने ये नहीं बताया कि किसान आंदोलन क्यों हो रहा है। आंदोलन की मूल बातों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 86 फीसदी किसानों के पास 2 हेक्टेयर से कम जमीन है। पहले छोटे किसानों को कर्जमाफी का फायदा नहीं मिलता था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि फसल बीमा योजना के तहत छोटे और बड़े किसानों को 90,000 करोड़ रुपये उनके खाते में दिए गए हैं। हम फैसला किया है कि हम हर किसान और मछुआरे को किसान क्रेडिट कार्ड देंगे। अब तक 1.75 करोड़ किसानों को क्रेडिट कार्ड मिल गया है।

साथ ही पीएम मोदी ने विपक्षी पार्टियों को आडे हाथों लेते हुए कृषि सुधारों की बात करते हुए कहा कि शरद पवार समेत कई कांग्रेस के नेताओं ने भी कृषि सुधारों की बात की है। शरद पवार ने अभी भी सुधारों का विरोध नहीं किया, हमें जो अच्छा लगा वो किया आगे भी सुधार करते रहेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि आज विपक्ष यू-टर्न कर रहा है, क्योंकि राजनीति हावी है। साथ ही इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा के सदन में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का कथन पढ़ा, हमारी सोच है कि बड़ी मार्केट को लाने में जो अड़चने हैं, हमारी कोशिश है कि किसान को उपज बेचने की इजाजत हो। पीएम मोदी ने कहा कि जो मनमोहन सिंह ने कहा वो मोदी को करना पड़ रहा है, आप गर्व कीजिए।

साथ ही अपने संबोधन के दौरान पीएम ने कहा कि मेरी सरकार गरीबों को समर्पित है। भारत में इस समय रिकॉर्ड निवेश हो रहा है। गरीब किसी की मदद का मोहताज नहीं रहेगा। गरीबी हटाए बगैर देश का विकास संभव नहीं है। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक से देश की ताकत दिखी। इसके अलावा कोरोना वैक्सीन को लेकर भी पीएम मोदी ने कहा कि जिस देश को तीसरी दुनिया का हिस्सा माना जाता था, उसी भारत ने एक साल में दो वैक्सीन बनाई और दुनिया को मदद पहुंचाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के अंदर भी केंद्र और राज्य की सरकारों ने मिलकर काम किया है।