जयपुर। जिला प्रमुख और प्रधान के चुनावों में क्रॉस वोटिंग से उलटफेर हो गया है। राजधानी जयपुर में बीजेपी ने कांग्रेस खेमे में सेंध लगा दी है। बीजेपी ने कांग्रेस की जिला परिषद सदस्य रमा देवी चोपड़ा को अपना उम्मीदवार बनाया है। अब भाजपा के पास पूर्ण बहुमत है। कांग्रेस का एक सदस्य भी रमा देवी के साथ चला गया है। कांग्रेस ने सरोज देवी बागड़ा को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस के पास बहुमत नहीं रह गया है।

जयपुर जिला परिषद में कुल 51 सदस्य हैं, जिला प्रमुख बनाने के लिए 26 सदस्य चाहिए। कांग्रेस 27 सदस्य जीती, लेकिन रमा देवी और जैकी के चले जाने से अब 25 सदस्य रह गए हैं। बीजेपी के पास पहले 24 सदस्य थे, अब दो कांग्रेस के मिलने से बहुमत का आंकड़ा बीजेपी के पास हो गया है। अब कांग्रेस जयपुर जिला प्रमुख का चुनाव तभी जीत सकती है, जब वह बीजेपी खेमे से क्रॉस वोटिंग करवाए। कांग्रेसी खेमा भी अब सक्रिय हो गया है। कांग्रेस के खेमे में बीजेपी की सेंध लगते ही जयपुर जिला प्रमुख का चुनाव रोचक हो गया है।

रमा देवी चोपड़ा बीजेपी में शामिल
रमा देवी चौपड़ा ने बीजपी से नामांकन भर दिया है। नामांकन भरने से पहले रमा देवी ने बीजेपी मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ली। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने रमा देवी को पार्टी में शामिल किया। इसके बाद रमा देवी सीधे नामांकन भरने पहुंच गईं।

महेश जोशी बोले- बीजेपी हॉर्स ट्रेडिंग कर रही है, जयपुर में कांग्रेस जीतेगी
सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि बीजेपी अब जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में भी हॉर्स ट्रेडिंग करने लगी है। हम ऐसी ताकतों को करारा जवाब देंगे। हम जीतेंगे। जब वोट पड़ेंगे तब देखना कांग्रेस जीतेगी। हॉर्स ट्रेडिंग चल रही है, सतीश पूनिया और राजेंद्र राठौड़ इसमें माहिर हैं, लेकिन उनकी चाल कामयाब नहीं होगी।

रमा देवी कांग्रेस से छह साल के लिए निष्कासित
बीजेपी में शामिल होने के बाद रमा देवी को कांग्रेस ने छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने रमा देवी को पार्टी से निकालने के बारे में ट्वीट कर जानकारी दी। डोटासरा ने लिखा कि चाकसू से और भी कांग्रेस नेताओं के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों कर शिकायतें मिली हैं, उनके खिलाफ भी जांच के बाद एक्शन लिया जाएगा।

रमा देवी के पति भी कांग्रेस से बगावत कर बीजेपी से चुनाव लड़ चुके
रमा देवी के पति मोतीराम चोपड़ा ने नगर निगम ग्रेटर में कांग्रेस से बागी होकर चुनाव लड़ा था। थे। अब पति के बाद पत्नी ने भी बगावत कर दी। पति की बगावत के बावजूद कांग्रेस ने उनकी पत्नी को जिला परिषद वार्ड नंबर 17 से अपना उम्मीदवार बनाया था।

चौपडा की निकली कुंठा, कटारिया से थे परेशान
मोतीराम चोपडा बरसो से कांग्रेस के सच्चे कार्यकर्ता रहे है। लेकिन वर्ष 2014 के चुनाव में सचिन पायलट ने उन्हें पार्षद का उम्मीदवार बनाया था। लेकिन लालचंद कटारिया किसी भी तरह नहीं चाहते थे कि चोपडा चुनाव जीतकर सत्ता में भागीदारी निभाएं। सियासत तेज होती गई और लालचंद कटारिदया 2018 में झोटवाडा से विधायक बन गए। लालचंद कटारिया के विधायक बनते ही बगावत के दौर शुरू हो गए और मोतिराम चोपडा ने 2020 में निगम में निर्दलीय चुनाव लडा और हार का सामना करना पडा। लेकिन जिला परिषद चुनावों में मोतीराम चोपडा की पत्नि रमा चोपड़ा ने हाथ के पंजे पर चुनाव लड़ा और लालचंद कटारिया से परेशान होकर भाजपा से हाथ मिला लिया।