Marudhar Desk: पैरेंट्स को अब सावधान होने की जरुरत है! अगर आप बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई के चक्कर में एंड्राइड मोबाइल दे रहे है तो यह काफी खतरनाक साबित हो सकता है और बच्चा असमय ही मौत का शिकार हो सकता है। सुनने में ये आपको काफी अजीब लगेगा लेकिन यही आज की सच्चाई है। हालांकि मोबाइल और इंटरनेट टेक्नालॉजी से कई सुविधाएं मिली, जीवन आसान हुआ, कोरोना कॉल में बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई आसान हुई लेकिन इसी तकनीक का दूसरा पहलू बेहद खतरनाक और जानलेवा साबित हो रहा है। कुछ ऐसा ही हो रहा है मासूम और नाबालिग बच्चों के साथ जो ऑनलाइन क्लास की आड़ में मोबाइल का दुरूपयोग फ्री फायर, पबजी गेम जैसे गेमों में कर रहे है जिसके कारण उनको जान भी गंवानी पड़ रही है। हाल ही में रविवार को नागौर जिले के लाडनूं थाना अंतर्गत धूडला गांव में रिश्ते में चाचा लगने वाले एक नाबालिग ने मासूम भतीजे को पबजी गेम के चक्कर में मौत के घाट उतार दिया। इससे पूर्व भी कई जगह ऐसी घटनाएं हो चुकी है जिसके कारण कई घरों के चिराग बुझ गए है। मध्यप्रदेश के छतरपुर में ऑनलाइन गेम की लत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। वहीं,विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ऑनलाइन गेम को मानसिक स्वास्थ्य विकार घोषित किया है। उनके मुताबिक इन गेमों का दूसरी दैनिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है जिसके कारण जुए, कोकीन आदि की लत लग सकती है। दिनभर ऑनलाइन क्लास के बहाने बच्चे मोबाइल में गेम खेलते रहते है जिनका बुरा असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। आंखों पर तो असर पड़ता ही है, नींद नहीं आने की बीमारी भी हो जाती है जिसके कारण चिड़चिड़ा स्वभाव हो जाता है। सोशल मीडिया और इंटरनेट की आसान पहुंच के चलते वर्तमान में कई ऐसे जानलेवा गेम पहले भी सामने आए थे ब्लू व्हेल नाम का एक गेम सामने आया था जिसमें लोगों का एक ऑनलाइन समूह था जो लोगों को सुसाइड करने के लिए उकसा रहा था। यह ग्रुप सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय रहता था। ब्लू व्हेल में ग्रुप सदस्य को रोजाना टास्क देते थे और इसे 50 दिन में पूरा करना होता था यह टास्क काफी खतरनाक और जानलेवा होता था। तेलंगाना के मलकानगिरी जिले में मेडचल के कक्षा दसवीं के छात्र ने इस गेम के चक्कर में आत्महत्या कर ली थी। मोमो चैलेंज भी है खतरनाक गेम साबित हुआ है। यह एक मोबाइल गेम है जो हमारे दिमाग के साथ खेलता है। अजमेर की एक छात्रा ने इस गेम के कारण आत्महत्या कर ली थी। कई राज्यों ने इस पर प्रतिबंध भी लगा दिया। जिनमें प्रमुख रूप से गुजरात जैसे राज्य शामिल है। इसके बाद पूरे भारत में इस खेल पर प्रतिबंध लगा दिया गया। काबिले गौर है कि भारत सरकार ने सितंबर 2020 में पब्जी सहित 118 चाइनीज़ ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया था। बच्चों के मोबाइल से चिपके रहने की आदत से हर अभिभावक परेशान है। इसके लिए सावधानी रखना बहुत जरूरी हो गया है। बच्चा अधिक समय तक मोबाइल देख रहा है तो किसी बहाने उसे दूसरे काम में उलझाएं। जब बच्चा मोबाइल से दूर हो जाए तो मोबाइल की हिस्ट्री चेक करें कि बच्चा गेम तो नहीं खेल रहा है। आप भी मोबाइल का ज्यादा यूज नहीं करें क्योंकि बच्चा हमेशा वही सीखता है जो आप करते हैं इसलिए जरूरी है कि बच्चे की गतिविधियों पर हमेशा नजर बनाए रखें और उसे मोबाइल से दूर करने की कोशिश करें।