प्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होना बच्चों की जान के लिए बड़ा खतरा…

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। राजस्थान में स्कूल बंद हुए 100 से भी ज्यादा दिन बीत गए हैं। लेकिन अगर शैक्षणिक कैलेंडर पर गौर किया जाए तो 24 जून से शिक्षकों के लिए और 1 जुलाई से बच्चों के लिए स्कूल खुलने वाले है। अगर ऐसा होता है तो यह बच्चों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है। इसके पीछे का कारण है कोरोना संक्रमण। प्रदेश में आए दिन कोरोना संक्रमण के मामलों में इजाफा होता दिखाई दे रहा है। अगर ऐसे में स्कूल खोले जाते हैं तो बच्चों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की उम्मीद रखना मूर्खता साबित होगी। क्योंकि प्रदेश के सरकारी स्कूलों की हालत बेहद दयनीय है। प्रदेश में 1500 से ज्यादा सरकारी स्कूल तो ऐसे हैं जिनमें 50 से 100  बच्चे एक ही कमरे में बैठते हैं। ऐसे में सामाजिक दूरी के नियम का पालन करना कतई संभव नहीं है।

बता दें कि शिक्षा विभाग के 400000 शिक्षकों में से 1 दशमलव 75 लाख शिक्षकों की ड्यूटी कोरोना वरियर्स के रूप में लगी हुई है। अभी अधिकांश शिक्षकों की ड्यूटी राजस्थान बोर्ड की परीक्षाओं में लगी हुई है। 30 जून को परीक्षा समाप्त होने पर इनकी वापस ड्यूटी लग सकती है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अगर ऐसा होता है तो फिर 1 जुलाई से बच्चों को पढ़ाई का कौन…? बता दें कि प्रदेश में 13 मार्च को जब स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई थी उस समय प्रदेश में कोरोना संक्रमण के केवल तीन मामले थे। जबकि अगर आज की स्थिति पर नजर डाली जाए तो प्रदेश में संक्रमण का आंकड़ा 14000 के पार पहुंच गया है। जबकि हर रोज औसतन 300 नए संक्रमित सामने आ रहे हैं। ऐसे में अगर स्कूल खोले जाते हैं तो यह बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ करना होगा। राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि 24 जून से नया सत्र शुरू होने जा रहा है लेकिन बच्चे स्कूलों में कब जाएंगे इसका निर्णय केंद्र सरकार और राज्य सरकार लेगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमें बच्चों के भविष्य की पूरी चिंता है लेकिन बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।