प्रदेश में कोरोना की भेंट चढ़ी लगभग 30 हजार भर्तियां, 50% से ज्यादा के परिणाम घोषित परंतु नियुक्ति नहीं…

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। राजस्थान में कोरोना के कारण 30 हजार के लगभग भर्तियां अटकी हुई है। खास बात यह है कि इन भर्तियों पर ना तो कोई विवाद है और ना ही यह कोर्ट में अटकी हुई है बल्कि कोरोना और लॉक डाउन के कारण 6 पदों की 30 हजार के लगभग भर्तियों पर अभी नियुक्ति नहीं दी गई है। जहां प्रदेश में लॉकडॉउन के बाद सभी चीजों को अनलॉक किया जा रहा है वहीं प्रदेश के युवाओं के लिए इन भर्तियों का अनलॉक होना भी बेहद जरूरी है। हालांकि, जानकारी मिल रही है कि राज्य सरकार अगले 2 महीने में इन भर्तियों पर नियुक्ति दे सकती है। बता दें कि इन भर्तियों में सबसे ज्यादा 14 हजार भर्ती शिक्षक विभाग की है। इनमें वरिष्ठ अध्यापक और स्कूल व्याख्याता समेत कई पद शामिल हैं। वहीं, चिकित्सा विभाग के भी 13 हजार 195 पदों पर नियुक्ति होना बाकी है। हालांकि इनमें से कुछ फ्रेशर्स को नियुक्ति दे दी गई है लेकिन उनकी गिनती बेहद कम है। यह भर्ती साल 2018 में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा निकाली गई थी। इसमें दो बार दस्तावेजों का सत्यापन भी कराया जा चुका है लेकिन अभी तक नियुक्ति अटकी हुई है।  बता दें कि इन 6 भर्तियों में से तीन के तो परिणाम भी जारी हो चुके हैं। जबकि बाकी तीन भर्तियों के नतीजे आना अभी बाकी है। अगर इनके भी परिणाम घोषित हो जाते हैं तो महज 1 महीने के भीतर नियुक्तियां मिल सकती हैं।

बता दें कि नियुक्ति की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर भी जमकर बवाल मचा हुआ है। वरिष्ठ अध्यापक भर्ती और प्रयोगशाला सहायक (चिकित्सा विभाग) भर्ती समेत तीन भारतीयों के परिणाम जारी हो चुके हैं। इनमें चयनित लोग अपनी नियुक्ति के इंतजार में बैठे हुए हैं। यह लोग सोशल मीडिया के जरिए भी बार-बार नियुक्ति देने की मांग कर रहे हैं। बता दें कि स्कूल व्याख्याता और एनटीटी समेत तीन भर्तियां ऐसी हैं जिनके सिर्फ परिणाम आना बाकी है। बता दें कि प्रदेश में अटकी नियुक्तियों को लेकर राज्य शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि सरकार राज्य में भर्तियों को लेकर बेहद गंभीर है। इसलिए शिक्षा विभाग में मौजूदा भर्तियों के बारे में अभ्यर्थी को पूरी जानकारी दी जाएगी। ताकि  भर्तियों के बारे में अभ्यर्थियों को सही जानकारी मिल सके और कोई भी गुमराह ना हो।