मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने, पेच लड़ाने और कटी पतंगों का लूटने का जादू जयपुरवासियों पर ही नहीं यहां के मंदिरों में भी सिर चढ़कर बोल रहा है। हर त्योहार और पर्व में श्रद्धालुओं की भावना के अनुरूप मंदिरों में मकर संक्रांति का पर्व भी उल्लास के साथ मनाए जाने की परंम्परा है। इसी कड़ी में त्रिपोलिया बाजार स्थित श्री शिव शक्ति हनुमान मंदिर में मंगलवार को महामंडलेश्वर पुरुषोत्तम भारती के सान्निध्य में तीन दिवसीय पंतगोत्सव मनाया जा रहा है। मंदिर में पतंगों की आकर्षक झांकी सजाई गई है। झांकी में हनुमान जी महाराज चांदी की विशेष पतंग उड़ाते हुए नजर आए।

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पूरे मंदिर परिसर को कागज की रंग-बिरंगी कलात्मक पतंगों से सजाया गया है। बड़ी संख्या में लोगों ने पतंगों की झांकी के दर्शन किए। झांकी के अन्तर्गत पतंग उड़ाते समय पक्षियों का ध्यान रखने और चायनीज मांझे का उपयोग नहीं करने का संदेश भी दिया जा रहा है। इस अवसर पर सभी विग्रहों को तिल के व्यंजनों का भोग लगाया गया। पतंगों की झांकी मकर संक्रांति तक सजी रहेगी। उल्लेखनीय है कि मकर संक्रांति जयपुर का परम्परागत त्योहार है। रियासतकाल में राज परिवार की ओर से पतंगों के पेच लड़ाने की प्रतियोगिताएं हुआ करती थी। तत्कालीन राजा स्वयं पतंगबाजी करते। राजा की कटी पतंगों को लाने के लिए घुड़सवार दौड़ पड़ते थे। यदि कोई व्यक्ति राजा की पतंग लाकर देता उसे पुरस्कार दिया जाता था।