Marudhar Desk: नए साल का पहला दिन और उसकी शुरुआत ही हुई बेहद दुखद खबर के साथ। वैष्णों माता का दरबार जो जयकारों से गूंजता है वो लोगों की हाहाकार से गुंज उठा। नए साल के मौके पर मां वैष्णो देवी के दर्शन को पहुंची श्रद्धालुओं की भीड़ में शनिवार सुबह भगदड़ मचने से 12 लोगों की मौत हो गई। जम्मू-कश्मीर में कटरा स्थित वैष्णो देवी मंदिर में देर रात करीब 2:45 बजे भगदड़ मचने से 12 लोगों की मौत हो गई। 14 लोख जख्मी हुए हैं। इनमें से 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को कटरा के नारायना अस्पताल में भर्ती किया गया है। जम्मू-कश्मीर के DGP दिलबाग सिंह ने कहा कि शुरुआती खबरों के अनुसार, श्रद्धालुओं के बीच किसी बात पर विवाद हो गया था। उनमें धक्का-मुक्की हो गई इससे भगदड़ मच गई। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। एक श्रद्धालु ने बताया कि भारी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए थे। निकलने के लिए कोई रास्ता ही नहीं था। नए साल के मौके पर यहां दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट गई और रात में भगदड़ मच गई। इस हादसे के बाद जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जांच कमेटी बिठा दी है। हादसे को लेकर अब प्रसाशन पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर कोरोना काल में इतनी भीड़ कैसे जुट गई और भीड़ जुटी तो सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं थे? अब घटना के बाद प्रशासन मुस्तैद हुआ और फिर कुछ घंटों बाद भीड़ को काबू किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा इस घटना पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पीएम राहत कोष और जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल की तरफ से मुआवजे का एलान किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया और भगदड़ में जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायलों को 50,000 रुपये देने का ऐलान किया है। जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने भी भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये और घायलों को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का एलान किया।