चिकित्सा मंत्री ने प्रवासियों के आने से राजस्थान में बढे संक्रमण के मामले…

0
11
raghu sharma


मरुधर बुलेटिन न्यूज़ डेस्क। प्रदेश में प्रवासियों के आने से कोरोना के मामलों में काफी तेज बढ़ोतरी हुई है। राजस्थान के  चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने राजस्थान में प्रवासियों के आने पर चिंता व्यक्त की है। चिकित्सा मंत्री का कहना है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण संक्रमित मरीजों का रिकवरी रेट 57 प्रतिशत से पार पहुंच गया है। प्रवासी मजदूरों के प्रदेश में आने से कोरोना संक्रमण के मामले ज्यादा बढ़ गए हैं। हालांकि कोरोना संक्रमित मरीजों की रिकवरी भी तेजी से हो रही है। चिकित्सा मंत्री का कहना है कि प्रदेश में संक्रमण के 2600 एक्टिव केस में से 1300 मामले प्रवासियों के हैं। चिकित्सा मंत्री का कहना है कि राजस्थान में 8 से 10 लाख के करीब प्रवासी लौटे हैं। जिस वजह से डूंगरपुर, पाली, सिरोही, नागौर, बीकानेर और जालौर समेत प्रदेश के 17 जिलों में कोरोना संक्रमण के मामलों में इजाफा हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि 2 मार्च के बाद प्रदेश में टेस्टिंग भी बढ़ाई गई है। 1 दिन में 16 हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमण की टेस्टिंग हो रही है। जबकि प्रदेश में संक्रमण से मृत्यु दर 2.36 प्रतिशत है। राजस्थान में आने वाले दिनों में एक लाख के करीब प्रवासी आएंगे जिससे प्रदेश में संक्रमण के मामलों में इजाफा होने की संभावना है लेकिन प्रदेश में गहलोत सरकार के द्वारा क्वॉरेंटाइन की बेहतरीन व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत क्वॉरेंटाइन की सारी व्यवस्थाओं पर नजर रखे हुए हैं। वहीं हर दो राज्य पर एक आईएएस अधिकारी क्वॉरेंटाइन की व्यवस्थाओं को मॉनिटर करने के लिए रखा गया है। राजस्थान में सरकारी क्वॉरेंटाइन में 10 हजार के करीब लोग हैं जबकि होम क्वारेंटाइन में सात लाख पच्चीस हजार के करीब लोग हैं। राजस्थान में बड़ी संख्या में प्रवासियों के आने की वजह से तीन स्तर की कमेटियां बनाई गई हैं। होम क्वॉरेंटाइन के लिए पुलिसकर्मी, मेडिकल टीम, प्रधानाध्यापक, पटवारी, ग्राम प्रधान आदि को शामिल कर टीम बनाई गई है। यह सभी होम क्वॉरेंटाइन में रहने वाले व्यक्ति की मॉनिटरिंग करते हैं। साथ ही होम क्वॉरेंटाइन के प्रोटोकॉल को तोड़ने वाले व्यक्ति को चेतावनी भी दी जाती है। ऐसे लोगों को होम क्वॉरेंटाइन से बदलकर इंस्टीट्यूशनल क्वॉरेंटाइन में रखा जाता है। चिकित्सा मंत्री ने आगे कहा कि संक्रमण के खतरे को लेकर राजस्थान बेहद सतर्क है और सुरक्षित है। कोरोना का हॉटस्पॉट बन चुके भीलवाड़ा और जयपुर के रामगंज इलाके में हमने कोरोना संक्रमण पर बेहतर ढंग से काबू पाया है अगर राजस्थान में प्रवासी नहीं आते तो आज यहां कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1300 होती लेकिन हमारे यहां क्वॉरेंटाइन की बहुत अच्छी व्यवस्था है और हम जल्द ही कोरोना को पूरी तरह राज्य से खत्म कर देंगे।