मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। अखिल भारतीय बेरोजगार मजदूर किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने गुजरात के सूरत जिले में देर रात सड़क किनारे सो रहे प्रवासी मजदूरों पर बेकाबू डम्पर चढ़ जाने से 15 मजदूरों की दर्दनाक मौत की दुःखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतक मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मृतक मजदूर राजस्थान के है ओर सूरत में मजदूरी करने गए थे।

दुबे ने मजबूरों की दर्दनाक मौत पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि मजदूरों की मौत नहीं ये हत्या है।जिसके लिए वाहन चालक के साथ साथ गुजरात सरकार भी जिम्मेदार है। पूरे देश में मजदूर हर प्रदेश से दूसरे प्रदेशों में मजदूरी करने जाते है। इस भीषण सर्दी में प्रवासी मजदूरो को रेन बसेरा उपलव्ध करवाना हर राज्य की जिम्मेदारी है। प्रवासी मजदूर इस भीषण सर्दी में खुले आसमान के नीचे सड़कों पर सोने को आखिर मजबूर क्यों हुए गुजरात सरकार व सूरत जिले का प्रशासन मजदूरो की हत्या के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है। राज्य सरकार व सूरत के जिला प्रशासन ने इस भीषण सर्दी में प्रवासी मजदूरों के लिए रेन बसेरे की व्यवस्था क्यो नही की?

दुबे ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री जिस गुजरात प्रदेश से आते हो ओर जिस गुजरात मॉडल पर सीना चौड़ा करते हुए फुले नही समाते हो उस प्रदेश में सरकार व प्रशासन की लापरवाही से 15 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो जाना बेहद शर्मनाक एवम दुर्भाग्यपूर्ण घटना है ओर गुजरात सरकार के कुशासन को दर्शाता है।

दुबे ने घटना में मरे मजदूरों के परिजनों को सरकारी नौकरी व उचित मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि मृतक मजदूरों को जो मुआवजे की घोषणा की गई है, वो अपर्याप्त है। सरकार मजदूरों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा दे व प्रवासी मजदूरों के लिए रेन बसेरो की व्यवस्था करें ताकि भविष्य में ऐसी दुःखद घटना की पुनरावृत्ति ना हो।