लॉकडाउन में एक महिला को खाना खिलाने के बहाने एंबुलेंस में दिनदहाड़े गैंगरेप का मामला सामने आया है। यह वारदात 24 मई को JNL मार्ग पर झालाना रोड की बताई जा रही है। जिसका खुलासा दो दिन बाद बुधवार को हुआ। मामले में पुलिस ने एंबुलेंस ड्राइवर और उसके दोस्त को जयपुर-आगरा हाईवे पर कानोता से हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। दोपहर तक पुलिस पूरे मामले का खुलासा करेगी। फिलहाल पीड़िता महिला के बयान और मेडिकल मुआयना करवाया जा रहा है। केस की जांच ACP गांधी नगर राजवीर सिंह चौधरी कर रहे है।

क्या है गैंगरेप का पूरा मामला

वारदात में शामिल एक आरोपी का नाम सुरेंद्र योगी बताया जा रहा है। जो भरतपुर जिले में भुसावर का रहने वाला है। यहीं एंबुलेंस चलाता है। वहीं, गैंगरेप पीड़िता 22 साल की महिला मूल रूप से सवाईमाधोपुर की रहने वाली है। पिछले लंबे अरसे से जयपुर में सवाई मानसिंह अस्पताल के सामने फुटपाथ पर अपने पति के साथ खानाबदोश रहती है। उसका पति सब्जी बेचता है। सोमवार सुबह 11 बजे वह खाना लेने की तलाश में निकली थी।तब आरोपी सुरेंद्र योगी उसे मिला। वह खाना खिलाने के बहाने महिला को अपनी एंबुलेंस में बैठाकर ले गया। पीड़िता को अकेला पाकर सुरेंद्र की नियत बिगड़ गई। उसने त्रिमूर्ति सर्किल के पास दौसा के रहने वाले अपने दोस्त महेंद्र को भी एंबुलेंस में बैठा लिया। इसके बाद वे दोनों महिला को JLN मार्ग पर ले गए। फिर गांधी सर्किल से झालाना डूंगरी की तरफ जाने वाली रोड पर पहुंचे। वहां लॉकडाउन होने से सड़क सूनी पड़ी थी। ऐसे में सुरेंद्र और महेंद्र ने एंबुलेंस में महिला से गैंगरेप किया।24 मई की रात को मोतीडूंगरी पुलिस तक पहुंचा मामलाबताया जा रहा है कि दोनों आरोपी गैंगरेप के बाद महिला को इधर-उधर घूमाकर फुटपाथ पर छोड़कर भाग निकले। पुलिस के मुताबिक 24 मई को देर रात महिला ने थाने पहुंचकर गैंगरेप की शिकायत दी। तब मामला पुलिस उच्चाधिकारियों तक पहुंचा। इसके बाद थानाप्रभारी सुरेंद्र पंचोली के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने आरोपी एंबुलेंस चालक सुरेंद्र योगी और उसके दोस्त महेंद्र की तलाश शुरु की और उनको धरदबोचा।