मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। कोटा को स्मार्ट सिटी व स्वच्छ बनाने के प्रयासों में कोटा उत्तर नगर निगम द्वारा शुरू किया गया डोर टू डोर कचरा संग्रहण की सफलता अब धरातल पर दिखाई देने लगी है। इसके चलते कचरा पाइंटों पर अब कचरा नहीं डाले जाने से स्थानीय नागरिक सुकून महसूस कर रहे हैं, वहीं व्यापारियों को अब बदबू से निजात मिली है।

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नगर निगम कोटा उत्तर के आयुक्त वासुदेव मालावत ने बताया कि स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल के निर्देशानुसार शहर को कचरा फ्री बनाने को प्राथमिकता से लिया जाकर स्टेशन क्षेत्र से यह पहल शुरू की गई है। महापौर मंजू मेहरा के नेतृत्व में हमने ऐसे क्षेत्रों का चयन कर कचरा पाइंटों को सूचीबद्ध किया। स्थानीय पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से लोगों को जागरूक किया। इस प्रयास से अब तक सात बडे पाइंट राममंदिर के पास, मालारोड स्थित अजय आहूजा मार्ग, हाट बाजार, सुरपिन होटल के सामने, स्टेशन स्थित आर्य समाज स्कूल के पास कचरा मुक्त हो गये हैं। शेष कचरा पाइंटों को कचरा मुक्त किये जाने के प्रयास जारी हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई सेक्टर-2 के वार्डों के पार्षदों एवं नगर निगम के समन्वित प्रयासों से सेक्टर में स्वच्छता की तस्वीर तेजी से बदल रही है। मिली जानकारी के अनुसार वार्ड के पार्षदों ने संकल्पबद्ध होकर स्वच्छता की कार्य योजना बनाई। सुबह के समय पार्षद आते हैं जहां नगर निगम के कार्मिकों के सहयोग से कचरे को टिपर वाहन में ही डालने का माहौल बनाया जाता है। नगर निगम ने नये टिपर वाहन क्रय किये और टीपरों की संख्या बढाई तथा हाथ ठेले के कचरे भी सीधे टीपर में डाले जाने लगे और स्वच्छता के कार्य को जनआन्दोलन के रूप में लिया गया। पार्षदों की मेहनत, नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयास हुए तथा आवश्यक संसाधनों में वृद्धि की गई जिनके कारण सफाई की तस्वीर बदली सी नजर आने लगी है। कोटा उत्तर नगर निगम के स्टेशन एरिया में अनेक स्थानों पर कचरा पाइंटों पर कचरा डालना बन्द किये जाने से जहां वातावरण साफ हुआ है, वहीं मच्छरों, सूअरों एवं पशुओं के आतंक से निजात मिली है। सुबह भ्रमण पर जाते समय जहां बदबू के चलते कचरा पाइंट के नजदीक से निकलना मुश्किल हो जाता था। वहीं अब इन स्थलों को साफ-सुथरा रखे जाने से बहुत सी परेशानियों से छुटकारा मिला है। स्थानीय वाशिंदों को कई बरसों से कचरा पाइंटों पर डाले जाने वाले कचरे से आसपास के क्षेत्र में गन्दगी फैली रहती थी जिसके कारण हमेशा बदबू के साथ-साथ अनेक बीमारियां होने का भय बना रहता था। अब स्वच्छता के चलते बुजुर्ग भी बाहर आराम से घूमने लगे हैं, वहीं बच्चे भी बाहर खेलते हैं

सफाई को लेकर यू बोले स्थानीय रहवासी
स्टेशन क्षेत्र स्थित राम मंदिर के पास वार्ड में भय्यू आर्ट पर पेन्टर देवेन्द्र प्रकाश शर्मा एवं मोटर साईकिल सर्विस सेन्टर के बबलू ने बताया कि इस कचरा पाइंट से कचरा उठाव होने से बहुत अच्छा लगने लगा है तथा यहां का वातावरण शुद्ध हुआ है। यहां पर कचरे के कारण जहां बीमारियों का खतरा मण्डराता रहता था वहीं पशुओं के एकत्रित रहने से आकस्मिक दुर्घटनाओं का खतरा रहता था। उन्होंने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों, सफाई कर्मचारियों, स्थानीय पार्षदों के प्रयासों एवं समझाईश करने तथा नियमित रूप से कचरा संग्रहण वाहन समय पर डोर टू डोर आने से अब यहां कचरा डालना बन्द हो जाने से यहां स्वच्छता का वातावरण रहने लगा है। स्थानीय निवासी भी अब अपने घर का कचरा डस्टबिन में एकत्रित कर घरों पर पहुंचने वाले टिपर वाहनों में डालने लगे हैं।

मालारोड स्थित अजय आहूजा मार्ग पर वर्षों पुराना कचरा पाइंट अब एकदम साफ-सुथरा रहने लगा है। यहां पर ज्यादातर लोग रेलवे में सर्विस करने वाले हैं। स्वच्छता एवं सफाई का महत्व समझते हैं। स्थानीय पार्षदों एवं सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों के प्रयासों से अब कचरा पाइंट पर कचरा डालना बन्द कर दिया गया है। सभी लोग घर का कचरा डस्टबिन में रख कर निगम के टिपर वाहनों में डालने लगे हैं। अपने घर एवं बाहर कचरा नहीं डालने से वातावरण शुद्ध हुआ है वहीं अनेक बीमारियों से भी बचाव हुआ है।

स्टेशन क्षेत्र में हाट बाजार में सडक के किनारे बने कचरा पाइंट को एकदम साफ कर दिये जाने से वहां के निवासी सेकू बातकी व प्रेमशंकर गौतम ने बताया कि पार्षदों, नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों का ही परिणाम है कि यहां लम्बे समय से गंदगी का वातावरण रहता था जो अब स्वच्छता में परिवर्तित हो जाने से काफी अच्छा लगने लगा है। यहां पर अब जागरूकता के चलते कहीं गन्दगी नजर नहीं आती है।

मोर्निंग वाक हुई आसान
स्थानीय निवासी कमलेश बाई का कहना है कि पहले गन्दगी के रहते यहां पर जानवरों के एकत्रित रहने से दुर्घटना का खतरा बना रहता था। स्वच्छता के चलते अब यहां पर सुबह घूमना अच्छा लगने लगा है। वृद्धजनों के लिए अब मोर्निंग वाक भी आसान हुई है। सुरपिन होटल के सामने का कचरा पाइंट भी स्वच्छता के रहते साफ रहने लगा है। यहां पर साईकिल पंचर ठीक करने वाले चन्दन सिंह एवं हेलमेट बेचने वाले लोकेश बताते हैं कि पहले गन्दगी के रहते ग्राहक कम आते थे वहीं अब सफाई रहने से ग्राहकों की संख्या में बढोतरी हुई है। उनका कहना है कि यहां पर सफाई रहने एवं काफी तादाद में पेडों की शीतल छाया होने से चलते हुए राहगीर भी कुछ समय रूकने लगे हैं। इसी प्रकार वार्ड 46 में आर्य समाज स्कूल के पास जागरूकता के चलते कचरा पाइंट को पूरी तरह से हटा दिया गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि घर-घर में कचरा डस्टबिन में एकत्रित करने, डोर टू डोर नगर निगम के कचरा संग्रहण टिपर वाहन नियमित रूप से घरों पर पहुंचने तथा लगातार स्वच्छता के प्रति जनजागरूता के प्रयासों का ही परिणाम है कि अब अनेक स्थानों पर बने कचरा पाइंट स्वच्छता का संदेश देते नजर आने लगे हैं। अब सभी लोग इस बात को समझने लगे हैं कि गंदगी से आसपास के क्षेत्रों में कई तरह के कीटाणु, बैक्टीरिया वायरस तथा फंगस आदि पैदा होते हैं जो बीमारियों को जन्म देते हैं। निवासियों का कहना है कि भला हो नगर निगम एवं पार्षदों का जिनकी समझाईश एवं अच्छी व्यवस्थाओं के चलते गन्दगी के वातावरण से निजात मिली है। उनका कहना है कि सरकारी प्रयास ही नहीं वरन् हम सबकी जिम्मेदारी है कि हमारे शहर को साफ-सुथरा बनायें। स्वच्छता के प्रति जागरूक नागरिक स्वयं की जिम्मेदारी समझते हुए साफ-सफाई पर निगरानी रखने लगे हैं।

जनप्रतिनिधियों का मिला सक्रिय सहयोग
नगर निगम कोटा उत्तर द्वारा घर-घर कचरा संग्रहण वाहनों के चलते स्थानीय पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों का सक्रिय सहयोग मिल रहा है। इस कार्य में जहां सफाई कर्मी अपनी ड्यूटी पूरी जिम्मेदारी से निभा रहा है वहीं स्थानीय निवासी भी पूरा सहयोग कर रहे हैं। पार्षदों की मेहनत, नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयास हुए तथा आवश्यक संसाधनों में वृद्धि की गई जिनके कारण सफाई की तस्वीर बदली सी नजर आने लगी है।