डेस्क न्यूज़: यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल होने वाला जयपुर शहर आज अपना 294 वां स्थापना दिवस मना रहा है। राजस्थान की राजधानी जयपुर शहर आज अपने इतिहास, स्थापत्य कला और खूबसूरती के लिए दुनिया के शीर्ष पर्यटन स्थलों में शुमार है। इसे दुनिया के 10 सबसे खूबसूरत शहरों में भी शामिल किया जा चूका है।

आज ही के दिन 1727 में जयपुर शहर की स्थापना हुई थी

गुलाबी नगरी और पिंक सिटी के नाम से मशहूर Jaipur आज 294 साल का हो गया है।

आज ही के दिन 1727 में जयपुर शहर की स्थापना हुई थी। तत्कालीन महाराजा जयसिंह द्वितीय ने इस शहर को बसाया था। इसीलिए इसका नाम जयपुर रखा गया था।

नगर नियोजन को ध्यान में रखकर बनाया गया ये देश का पहला शहर हैं। लिहाजा इसे भारत के पेरिस के नाम भी जाना जाता है। करीब तीन सदी से गौरवशाली इतिहास के साथ ढूंढाड़ी विरासत को संभाले Jaipur शहर आज भी दुनियां में अपना खास मुकाम रखता है। कहा जाता है कि भारत आने वाला हर दूसरा विदेशी पर्यटक पिंक सिटी को देखने जरूर जाता है।

जयपुर की विरासत देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में मशहूर है

जयपुर

3 सदियों बीतने को है, लेकिन ऐसा लगता है कि जैसे आज भी Jaipur में कुछ नहीं बदला। आज भी वही किले, वही महल और वही रास्ते, जयपुर की विरासत को समेटे हुए हैं।

जयपुर की विरासत देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में मशहूर है। तत्कालीन महाराजा जयसिंह द्वितीय ने Jaipur को बसाने के लिए प्रसिद्ध वास्तुकार विद्याधर को जिम्मेदारी दी थी।

जयपुर को बसाने के दौरान शहर के चारों ओर एक चारदीवारी बनाई गई थी। जिसमें प्रवेश के लिए 7 गेट थे। आज भी इस चारदीवारी में बसा शहर परकोटा और चारदीवारी ही कहलाता है।

सैकड़ों साल के भविष्य को सोचते हुए परकोटे के इलाके में सड़कों को भी काफी चौड़ा रखा गया था। शहर के ठीक बीचों-बीच तीन चौपड़े भी बनाई गई थी। जिन्हें रामगंज चौपड़, बड़ी चौपड़ और छोटी चौपड़ नाम दिया गया।

इतना ही नहीं उस दौर में भी बारिश के निकासी का विशेष तौर पर इंतजाम किया गया था, जो आज भी आधुनिक भारत के ज्यादातर शहरों में देखने को नहीं मिलता।

294 साल बाद जयपुर की आबादी 70 लाख पार

294 साल के इतिहास में Jaipur ने कई उतार चढ़ाव देखे हैं। राजे रजवाड़ों का राज देखा है।

अंग्रेजी सरकार की हुकुमत देखी है। बदलते वक्त के साथ Jaipur में भी सामाजिक और राजनीतिक तौर पर कई बदलाव हुए हैं। 1727 में जब इस शहर को बसाया गया था।

तब इसकी आबादी सिर्फ 2 लाख हुआ करती थी, जो आज 70 लाख को पार कर चुकी है। आबादी के साथ-साथ जयपुर शहर भी अब परकोटे से बाहर कई किलोमीटर में फैल चुका है।

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