जयपुर। रीट भर्ती 2021 में पदों की संख्या 31 हजार से बढ़ाकर 50 हजार करने की मांग, भर्तियों में हो रही धांधली समेत कई मांगो को लेकर शहीद स्मारक पर चल रहे धरने पर बैठे अभ्यर्थियों को गुरुवार को पुलिस ने जबरन हटा दिया। साथ ही शौर्य चक्र से सम्मानित विकास जाखड़ सहित करीब आधा दर्जन अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया गया। गुरुवार सुबह अचानक भारी पुलिस जाब्ता शहीद स्मारक पहुंचा और धरने पर बैठे बेरोजगारों को पहले समझाया लेकिन पुलिस की बात ना मानने पर पुलिस द्वारा अभ्यर्थियों को जबरन शहीद स्मारक से हटाया गया। इस दौरान वहां बेरोजगारों को समर्थन दे रहे सीआरपीएफ के कमांडेट और शौर्य चक्र विजेता विकास जाखड़ से भी पुलिस ने धक्का-मुक्की की और उन्हें भी हिरासत में भी ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का तो यह भी कहना है कि कमांडेट जाखड़ के साथ ही अन्य अभ्यर्थियों से मारपीट भी की गई। बता दें कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रीट 2021 में पदों की संख्या ना बढ़ाते हुए 20 हजार पदों पर नई भर्ती की घोषणा की है। साथ ही रीट भर्ती 2021 की भर्ती में पदों की संख्या नहीं बढ़ाने की बात भी दोहरा दी थी लेकिन इसके बाद भी शहीद स्मारक पर बेरोजगारों का धरना जारी रहा। इसके साथ ही जोधपुर हाईकोर्ट द्वारा बीएसटीसी अभ्यर्थियों के पक्ष में दिए गए फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं देने की मांग को लेकर बीएसटीसी अभ्यर्थियों ने बीजेपी कार्यालय के बाहर धरने की चेतावनी दी थी लेकिन बीजेपी कार्यालय के बाहर तैनात भारी पुलिस जाब्ते ने इन अभ्यर्थियों को बीजेपी कार्यालय के बाहर आने से पहले ही रोक लिया। वहीं, करीब एक दर्जन से ज्यादा बीएसटीसी अभ्यर्थियों को हिरासत में भी लिया।
बता दें कि राजस्थान में भर्तियों में कथित धांधली और भ्रष्टाचार से आहत होकर पिछले दिनों अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भेज चुके शौर्य चक्र से सम्मानित सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट विकास जाखड़ ने भर्तियों में भ्रष्टाचार रोक पाने में राजस्थान सरकार को असफल बताया था और पूर्व शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा पर धांधली में शामिल होने का आरोप लगाया। इसके साथ ही विकास जाखड़ ने 6 जनवरी से शहीद स्मारक पर जन आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया था। इसी आंदोलन के दौरान गुरुवार को उन्हें पहले खदेड़ा गया और फिर हिरासत में ले लिया गया।
गौरतलब है कि विकास जाखड़ मूल रूप से झुंझुनूं के निवासी हैं। सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट विकास जाखड़ ने 23 नवंबर 2016 में झारखंड के लातेहर जिले में नक्सलियों से मुकाबला करते हुए सात नक्सलियों को मार गिराया था। इसी शौर्यता के लिए उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया था। उनकी बहादुरी का उल्लेख कक्षा आठ की पुस्तक में भी किया गया है। उन्हीं विकास जाखड़ ने भर्तियों में भ्रष्टाचार रोक पाने में राजस्थान सरकार को असफल बताते हुए इसके लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डीपी जारोली और पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को दोषी बताया है। विकास जाखड़ ने कहा है कि युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे लगातार खिलवाड़ से वह आहत है।
जाखड़ ने कहा कि राज्य में जेईएन, पुलिस उप निरीक्षक, असिसटेंट प्रोफेसर, आरएएस, पटवारी और रीट परीक्षा हुई। पेपर लीक होने के गंभीर आरोप लगे। रीट परीक्षा का पेपर एक दिन पहले लीक हो गया और 15 से 40 लाख रुपए में बिका। इन 15 हजार परीक्षार्थियों के पास परीक्षा से पहले पेपर पहुंच गया। जिससे कड़ी मेहनत करने वाले युवाओं के सपने चूर हो रहे हैं। उनका कहना था कि 26 सितंबर 2021 से भर्ती धांधली को लेकर नौजवानों ने प्रदर्शन कर आवाज उठाई, लेकिन सरकार ने सुनवाई नहीं की। जिन्हे पकड़ा गया वे मोहरे हैं, इन सबके पीछे माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन और पूर्व शिक्षामंत्री हैं। एसओजी सबूत जुटाने के बजाय मिटा रही है। उन्होंने मांग है कि पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच हो।