Marudhar Desk: देश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। लगातार ओमिक्रोन केसज की संख्या बढ रही है। गुजरात, कर्नाटक और दिल्ली में नए संक्रमितों की पुष्टि के बाद देश में ओमिक्रोन मरीजों की संख्या 88 हो गई। महाराष्ट्र में लगातार सामने आ रहे मामले चिंता का विषय बन रहे है। जिसके बाद आर्थिक राजधानी मुंबई में धारा 144 31 दिसंबर तक लागू कर दी गई है। ओमिक्रोन के बढते मामलों के मद्देनजर आज केंद्र सरकार हालात की समीक्षा बैठक करेगी। वहीं, आपको बता दें कि WHO ने चेतावनी देते हुए कहा है कि हालात जिस तरह के बन रहे है उससे ओमिक्रोन के मामलों में तेजी आ सकती है। वहीं, देश में चुनावी माहौल के चलते टेस्टिंग की रफ्तार धीमी पड़ गई है। अगले साल कई राज्यों में चुनाव होने जा रहे है। ऐसे में राजनीतिक रैलियों पर काफी जोर दिया जा रहा है। ऐसे में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। हाल ही में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के उद्घाटन के दौरान PM को सुनने हजारों की तादाद में लोग इकट्ठे हुए। दूसरी तरफ गोवा में तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी एक के बाद एक रैलियां और जनसभाएं करने में लगी हैं। डैश बोर्ड में टेस्टिंग के आंकड़े यहां भी 30 अक्टूबर के बाद जीरो ही नजर आते हैं। मध्य प्रदेश का भी यही हाल है। वहीं, पंजाब का हाल भी कुछ अलग नही है। रैलियों और जनसभाओं में इकट्ठी होती भीड़ और टूटते प्रोटोकॉल अब तस्वीरों में साफ नजर आने लगे हैं। VIP से लेकर आम जन तक मास्क और दो गज की दूरी नदारद है। वहीं, अगर तकरीबन 6 महीने पहले की स्थिति को देखें तो जब देश कोरोना की दूसरी लहर के खतरे से जूझ रहा था। उस वक्त पश्चिम बंगाल में ताबड़तोड़ चुनावी रैलियां जारी थीं। चुनाव प्रचार के दौरान हजारों की भीड़ वाली रैलियां और रोड शो किए गए। अब एक डर ये भी सता रहा है कि कहीं, इस बार हो रही चुनावी रैलियां तीसरी लहर का संकट न ले आएं।