Marudhar Desk: राजस्थान में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर सरकार ने सख्ती बरतना शुरु कर दिया है। दो बार पूर्व में तबाही मचा चुका कोरोना फिर से तीसरी लहर के रुप में दस्तक दे चुका है। 7 जनवरी से प्रदेश में नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। नई पांबदियों के तहत सरकारी दफ्तरों में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही आने की अनुमति दी गई है। बाकी 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम के तहत काम करेंगे। नए प्रावधानों के अनुसार अब सरकारी दफ्तरों में 55 साल और इससे ज्यादा उम्र के कर्मचारियों और दिव्यांग कर्मचारियों को ऑफिस बुलाने पर पाबंदी लगा दी गई है। शादी विवाह के समारोह में 100 से ज्यादा लोगों के आने की अनुमति नही है। हालांकि, इसमें बैंड बाजे वालों को शामिल नही किया गया है। अंतिम संस्कार में 20 लोगों की लिमिट तय की गई है। इससे ज्यादा लोग होने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, जयपुर-जोधपुर की शहरी सीमा में आठवीं तक के स्कूल पहले से ही बंद हैं। वहीं, बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मास्क लगाने पर भी सख्ती कर दी गई है। इसके साथ ही नाइट कर्फ्यू का भी प्रदेश में सख्ती से पालन करवाने के निर्देश दिए गए है। नाइट कर्फ्यू रात 11 से सुबह 5 बजे तक ही रहेगा। शहरों में पुलिस के नाके लगाकर नाइट कर्फ्यू में बेवजह बाहर निकलने वालों के चालान और वाहन जब्त करने की कार्रवाई होगी। सार्वजनिक जगहों पर बिना मास्क नजर आने वाले लोगों पर जुर्माना लगाया जाएगा। सिटी बसों में खड़े होकर यात्रा नहीं कर सकेंगे। वर्क प्लेस पर कोई भी कर्मचारी कोविड पॉजिटिव पाए जाने पर ऑफिस के उस चैंबर को 72 घंटे के लिए बंद किया जाएगा। इसके साथ ही धार्मिक केंद्रों पर प्रसाद, पूजा सामग्री या चादर ले जाने पर रोक लगा दी गई है। विदेश से आने वाले हर यात्री का आज से एयरपोर्ट पर RT-PCR टेस्ट किया जाएगा। RT-PCR रिपोर्ट निगेटिव आने तक विदेश से आने वाले हर यात्री को क्वारैंटाइन रहना होगा।