Marudhar Desk: राजस्थान में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए प्रदेश सरकार एक्शन मोड में दिखाई दे रही है। शुक्रवार को राजधानी जयपुर में कोरोना कंट्रोल के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की लाइव ओपन बैठक करीब तीन घंटे चली। इसमें सीएम गहलोत ने कहा कि हमें वैक्सीनेशन को लेकर सख्ती करनी होगी। पंजाब की तर्ज पर नई SOP जारी करनी पड़े तो कीजिए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सैंपलिंग बढ़ाने के लिए जयपुर के सीएमएचओ को फटकार लगाई। गहलोत ने कहा कि पिछले सात दिन में इतने ज्यादा कोरोना केस आ गए, लेकिन सैंपलिंग के फिगर 3 से 4 हजार के बीच हैं। क्या आपको 10 हजार सैंपल नहीं लेने चाहिए। वहीं इस मीटिंग के दौरान गहलोत सरकार के मंत्रियों के आपसी मतभेद भी खुलकर सामने आए। शादियों में 200 लोगों से कम की लिमिट के सुझाव का खाद्य मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने खुलकर विरोध किया। खाचरियावास ने कहा कि इससे गरीब मारे जाएंगे। शादियों की बजाय तो धार्मिक स्थल बंद कर देने चाहिए। वहीं, उनके इस सुझाव का जलदाय मंत्री महेश जोशी ने विरोध किया और कहा- इससे गलत मैसेज जाएगा। हमने न्यू ईयर सेलिब्रेशन की छूट दी है और 3 जनवरी से धार्मिक स्थल बंद करेंगे तो इसका गलत मैसेज जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री परसादीलाल मीणा ने कहा कि 31 दिसंबर की रात की पार्टियों को छूट देने का पब्लिक मैसेज ठीक नहीं है। लोग नेगेटिव कमेंट कर रहे हैं। इस पर रोक हो। स्वास्थ्य मंत्री के यह कहने पर खाद्य मंत्री प्रतसापसिंह भड़क गए। वहीं, सीएम गहलोत ने कहा कि 31 जनवरी वैक्सीन की दोनों डोज लगाने का समय है। इसके बाद हमें सख्ती करनी होगी। पंजाब की तर्ज पर राजस्थान में भी बिना वैक्सीन की दोनों डोज लगे व्यक्ति को घर से निकलने की अनुमति ही नहीं हो। जर्मनी, अमेरिका में हाहाकार मच गया है। सैंपलिंग बढाकर हालात काबू कीजिए। बैठक में सीएम गहलोत ने कहा कि कोरोना से मौत के आंकड़े नहीं छुपाएं। 10 दिन में 83 से बढ़कर 521 पॉजिटिव होना हमारे लिए अलार्मिंग है।