बांसवाड़ा जिले में अस्पताल स्टाफ ने गर्भवती को निकाला बाहर, सड़क पर ही दिया बच्ची को जन्म…

0
43
pregnant woman

मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से डॉक्टर और नर्सिंगकर्मियों की लापरवाही का मामला सामने आ रहा है। जहां एक गर्भवती महिला जिले के आदर्श स्वास्थ्य केंद्र मोहकमपुरा में प्रसव पीड़ा होने के कारण पहुंची तो डॉक्टरों ने बिना किसी जांच के ही महिला को अस्पताल से बाहर जाने के लिए कह दिया। जिसके बाद महिला ने असहनीय दर्द के चलते सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। दरअसल, सोमवार को करणघाटी गांव की एक गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा होने के कारण आदर्श स्वास्थ्य केंद्र मोहकमपुरा में पहुंची। लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने महिला को बिना किसी कारण के ही बाहर निकाल दिया। गर्भवती महिला को असहनीय दर्द हो रहा था जिस वजह से वह अस्पताल के बाहर सड़क पर ही लेट गई। महिला के दर्द से चिल्लाने की आवाज सुनने के बाद भी अस्पताल स्टाफ का एक भी सदस्य बाहर नहीं आया।  पास में ही सैलून चलाने वाले पप्पू भाई महिला की मदद के लिए आगे आए और चादर की आड बनाई। जिसके बाद गर्भवती महिला की सास ने सड़क पर ही प्रसव कराया।

बता दें कि करण घाटी गांव की गर्भवती कांति पत्नी मानसिंह को प्रसव पीड़ा होने के बाद सास मैना सहित परिजन छोटी सरवा सीएचसी प्रसव कराने के लिए लेकर गए। जहां जांच के बाद महिला को कुशलगढ़ सीएचसी के लिए रेफर कर दिया। परिजन अपने निजी वाहन से महिला को कुशलगढ़ ले जाने के लिए रवाना हुए। लेकिन रास्ते में प्रसूता को असहनीय दर्द होने से परिजन कुशलगढ़ के बजाय मोहकमपुरा आदर्श पीएचसी लेकर आए। यहां मौजूद अस्पताल स्टाफ ने बिना जांच किए ही प्रसूता को कुशलगढ़ ले जाने के लिए कह दिया। जिसके बाद गर्भवती महिला डेढ़ घंटे तक सड़क पर ही दर्द से तड़पती रही। जिसके बाद सास मैना ने सड़क पर ही प्रसव करवाया महिला ने बच्ची को जन्म दिया है। प्रसव के आधे घंटे बाद मेल नर्स खानचंद ने नवजात की नाल भी बाहर ही काटी और परिजनों को कुशलगढ़ ले जाने के लिए कह दिया। जिसके बाद परिजन महिला को लेकर वापस गांव चले गए तो रास्ते में कुछ पुलिसकर्मी मिले जिन्होंने प्रसूता को देखकर  कुशलगढ़ स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया है। इस पूरे मामले पर सीएमएचओ एचएल ताबियार का कहना है कि इस पूरे मामले की मैंने जांच की है जिस समय गर्भवती महिला अस्पताल पहुंची वहां एक ही नर्सिंग कर्मी था बाकी की दसवीं के पेपर में स्क्रीनिंग के लिए ड्यूटी लगी हुई थी। हालांकि प्रसव के बाद भी महिला को भर्ती नहीं करना डॉक्टर का नहीं होना आदि लापरवाही के लिए उन्हें नोटिस जारी किया गया है।