मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। कहने में बहुत ही छोटा सा शब्द लगता है ईमानदारी, परंतु इसके अर्थ बहुत ही गुढ़ एवं व्यापक है। ईमानदारी कभी भी कोई भी नियम या कानून को नहीं तोड़ती है। ईमानदार व्यक्ति से यह उम्मीद की जाती है की वह जीवन के सभी आयामों में सच्चा हो, मसलन कभी झूठ न बोलना, कभी किसी को भी कुछ गलत न कहना, कभी कोई गलत काम ना करना, कभी किसी को दुख ना पहुंचना आदि। सच्चाई एवं ईमानदारी का रास्ता कठिन तो बहुत होता है। लेकिन ईमानदार होना बहुत महत्वपूर्ण होता है। विश्व के प्रसिद्ध विचारक बेंजामिन फ्रेंकलिन ने कहा था कि “आनेस्टी इज दी बेस्ट पॉलिसी”। जिसे हम “ईमानदारी सर्वश्रेष्ठ नीति है” भी कह सकते हैं। ईमानदार व्यक्ति बहुत ही उच्च विचारों वाले होते हैं एवं इनका जीवन भी बहुत सादगीपूर्ण होता है। ईमानदारी किसी भी व्यक्ति की सबसे अमूल्य निधि है। ईमानदारी परिवार एवं समाज मे समरसता तथा एकरुपता लाती है।

ईमानदारी से व्यक्ति शांतिपूर्ण तरीके से ससम्मान अपना जीवन व्यतीत कर सकता है। बिना ईमानदारी के हम दो हिस्सों में बंटे हुए नज़र आते हैं। पहला सही या सच्चा और दूसरा गलत या झूठा। जँहा ईमानदारी हमें सरलता की और ले जाती है। वहीं बेईमानी हमें दिखावे की और ले जाती है। ईमानदारी हमें विश्वास से भर देती है, सम्मान देती है और सफलता दिलाती है। ईमानदारी जीवन में अच्छे, सच्चे, वफादार एवं उच्च गुणों वाले व्यक्तियों को आपसे जोड़ती है। क्योंकि ईमानदारी हमेशा ईमानदारी को ही आकर्षित करती है। ईमानदार लोगों पर हर कोई बहुत ही आसानी से भरोसा कर लेता है।

एक तरह से देखा जाए तो ईमानदारी शांतिपूर्ण जीवन जीने का सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है। शुरू शुरू में ईमानदारी को विकसित करने में दिक्कतें आ सकती हैं, बहुत से प्रयास करने पड़ सकते हैं, बहुत से कष्ट भी उठाने पड़ सकते हैं,परंतु एक बार जब यह विकसित हो जाती है तो पूरा जीवन बदल देती है।