मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। सीटू यूनियन महामंत्री मुरारीलाल बैरवा ने जानकारी देते हुए कहा कि सरकार की किसानों से हुई 7वें दौर की वार्ता 4 जनवरी को हुई। जिसमे केंद्र सरकार की तरफ से एमएसपी पर सहमति जताई। सरकार ने मगर किसानों का कहना है कि पहले केंद्र सरकार इन तीनो काले कानूनों को वापस ले, इसके बाद बाकी मुद्दों पर चर्चा होगी। जिस पर सरकार के प्रतिनिधि मंडल ने कोई जवाब नहीं दिया और सोमवार की वार्ता भी किसानों से सरकार की असफल रही। अब 8 जनवरी को होगी सरकार की किसान नेताओ से वार्ता।
साथ ही महामंत्री ने बताया कि 6 जनवरी को किसान आंदोलन के समर्थन में राजस्थान हरियाणा शाहजहांपुर खेडा बॉर्डर पर मज़दूरों के राष्ट्रीय श्रम संगठन (सीडब्ल्यूएफआई) राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड सुखवीर सिंह प्रभात व राजस्थान निर्माण मजदूर यूनियन सीटू राज्य कमेटी और सीटू संगठन के नेतृत्व में मोदी सरकार द्वारा लाये गए। किसान विरोधी तीनों काले क़ानूनो को रदद् करवाने के लिए हजारों निर्माण मज़दूरों द्वारा रैली निकालकर मोदी सरकार को चेतावनी दी जाएगी कि 26 जनवरी से पहले किसान विरोधी तीनो काले कानूनों व मजदूर विरोधी 4 लेबर कोड्स बिल 2020 को वापस ले ले। अगर ऐसा नही किया तो 26 जनवरी को लाल किले पर करोड़ो किसानों मज़दूरों द्वारा ट्रेक्टर मार्च निकालकर तिरंगा फहराया जाएगा। क्योंकि यह देश किसानों मज़दूरो से बना है चंद पूंजीपतियों से नही बना है।