सुजानगढ़ व शेखावाटी के किसान पहली मानसून से बारिश से किसानों के चहरे खिलें है। इस समय खेतों में फसल बुवाई का काम टैक्टर के द्वारा शुरू हो गया है। सुजानगढ़ क्षेत्र की बात करें तो ज्यादातर यह किसान खेत में बाजरा, मोठ, मूंग, तिल, ग्वार बोने की तैयारी में जुट गए हैं। खेतों में हर तरफ ट्रैक्टरों की घरघराहट की आवाज सुनाई दे रही है। इस क्षेत्र के किसान का अलग ही जज्बा है।यहाँ खेतों रेगिस्तान में दूर- दूर तक मीठा पानी नहीं है लेकिन तपते धोरों के बीच अपने हौंसले के दम पर बारिश की आस में वह मेहनत करता जाता है। बारिश पर निर्भर यहाँ का किसान ओर कम और खारे पानी वाली धरती का सीना चीर कर अपने पसीने की बूंदों को धान की बोरियों में बदल देता है। किसान बताते हैं कि हमारे क्षेत्र में खेती करना किस्मत के खेल की तरह है। तीन माह की कड़ी मेहनत के बाद कितनी फसल होगी यह नहीं कहा जा सकता। इसीके चलते बीच समय पर डीजल नहीं मिल पाने से इन दिनों किसानों और ट्रेक्टर चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार की गाइडलाईन के अनुसार पेट्रोल पम्पों पर डीजल सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही मिल रहा है। गोपाल चौधरी व श्री राम मेघवाल किसान कहते हैं कि अब बुवाई के समय हमारे ट्रैक्टरों को 24 घंटे डीजल लेने की सुविधा होनी चाहिए।

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