डेस्क न्यूज़: मध्य प्रदेश के भोपाल में कमला नेहरू चिल्ड्रन हॉस्पिटल की स्पेशल नियोनेटल यूनिट (SNCU) में सोमवार रात बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में चार बच्चों की मौत हो गई। राज्य सरकार ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है। उन्होंने वार्ड के अंदर की स्थिति को ‘बेहद भयावह’ बताया।

शिवराज सिंह चौहान ने मृतक बच्चों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की

एक अधिकारी ने बताया कि आग अस्पताल की तीसरी मंजिल पर लगी, जहां आईसीयू है। सारंग ने कहा, ”SNCU वार्ड में आग लगने की इस घटना में चार बच्चों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही हम अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। वार्ड के अंदर अंधेरा था। हमने बच्चों को बगल के वार्ड में भेज दिया है।” उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतक बच्चों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

एसएनसीयू में कुल 40 बच्चे भर्ती थे

फतेहगढ़ दमकल थाना प्रभारी जुबैर खान ने बताया कि सोमवार रात करीब 9 बजे अस्पताल की इमारत की तीसरी मंजिल पर आग लग गई और आग पर काबू पाने के लिए दमकल की करीब 10 गाड़ियां मौके पर पहुंची। उन्होंने शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई। एसएनसीयू में कुल 40 बच्चों को भर्ती कराया गया था। इनमें से 36 बच्चों को बचाव कार्य कर अलग-अलग वार्ड में रखा गया है।

परिजनों को घटना के पीछे किसी बड़ी साजिश का शक

कमला नेहरू चिल्ड्रन हॉस्पिटल

वहीं हमीदिया कैंपस के कमला नेहरू अस्पताल में लगी आग में मारे गए बच्चों के परिजनों को घटना के पीछे किसी बड़ी साजिश का शक है। उनका कहना है कि हादसे से 5 मिनट पहले वार्ड में नर्स और वार्ड बॉय के बीच विवाद हो गया। दोनों ने एक दूसरे को धमकाया। मंगलवार सुबह मृत बच्चों के शव लेने पहुंचे परिजनों ने डीएनए जांच की भी मांग की है।

अस्पताल के सामने बना मातम का माहौल

कमला नेहरू अस्पताल

इमारत के सामने रात से ही चीख-पुकार सुबह तक सिसक रही है। परिवार ने यहां ठंड में ठिठुरते हुए रात बिताई। सुबह-सुबह वे बच्चों से मिलने पहुंचे, लेकिन बिल्डिंग के गेट पर पुलिस और निजी सुरक्षाकर्मी तैनात थे। उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। सुबह साढ़े सात बजे परिवार वालों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हाथापाई हुई। हंगामा बढ़ने पर परिवार को अंदर जाने दिया गया।

परिजन बोले- बच्चों की मौत का आंकड़ा ज्यादा

परिवार का आरोप है कि सरकार और अस्पताल प्रबंधन मौत के आंकड़े छिपा रहे हैं। सिर्फ 4 बच्चों की मौत नहीं हुई है। यह आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा है। इसलिए उन्हें अपने बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। यहां तक कि मृत बच्चों के बारे में भी तस्वीर साफ नहीं है कि वे किसके हैं। मौत की जानकारी मौखिक रूप से ही दी गई है।

लड़ाई के 5 मिनट बाद ही आग लगी

कमला नेहरू अस्पताल

बाग सेवनिया की पूनम ने बताया कि उनकी बेटी को कई मन्नतों के बाद एक बेटा हुआ। सोमवार को ही पैदा हुआ था। रात में वह अपनी बेटी और पोते के साथ थी। नर्स और वार्ड बॉय के बीच मारपीट हो गई। हमने वार्ड छोड़ दिया। 5 मिनट बाद आग लगी। एक बहन (नर्स) कह रही थी कि कोई भी यहां से हंसता हुआ नहीं बल्कि रोता हुआ जाएगा। इस आग के पीछे बड़ी साजिश है।

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