कई सालों से सीकर में रहकर परिवार का पेट पाल रहे नेपाली परिवार इन दिनों मुसीबत में है। आठ साल का बेटा छह दिन से लापता है। छोटे से शहर में छोटे बच्चे को पुलिस तलाश भी नहीं कर पा रही। मां ने बेटे की तलाश में लोगों से अपील की है। मेरा बच्चा तलाश दो। आठ साल से सीकर में जगदीश नेपाली का परिवार चूरू रेलवे लाइन के पास सीकर में हलीमा मस्जिद के नजदीक रहता है। जगदीश फतेहपुर रोड पर पुलिस चौकी में खाना बनाने का काम करता है जबकि उसकी पत्नी गीता घरों में झाडू पौंछा करने का काम करती है।पति पत्नी दोनों बच्चो के किराए के कमरेे में छोडकर काम पर निकल जाते थे। पीछे से 11 साल की बच्ची, 8 साल का कमलेश और छोटे दो बच्चे अकेले रहते थे। बड़ी बेटी भी मां के साथ झाडू पौछा का काम करती है। 23 जुलाई को दोपहर करीब एक बजे खेलने के लिए कमलेश निकला था। उसके बाद से उसका कोई पता नहीं है। कमलेश ने उस दिन नीले रंग का टीशर्ट, काला पजामा पहन रखा था। मां ने पिछले पांच दिन से कामकाज छोड कर कमलेश की तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लगा है। कोतवाली थाने में कमलेश की गुमशुदगी भी दर्ज हो चुकी है। पुलिस के पास जाने के बाद भी गीता को तलाश कर रहे हैं का भरोसा मिलता है। अब जिसके गीता काम करती थी उनमें से किसी ने उसका वीडियो बनाकर उसकी अपील आम लोगों के लिए जारी की है कि उसके बच्चा जिस किसी को नजर आए, कोतवाली थाने में सूचना दे दें।

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