धौलपुर बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय को सुधारने में चिकित्सालय के सभी पशु चिकित्सक लगातार कार्य कर रहे हैं। आपको बता दें कि पशु चिकित्सालय के चिकित्सक अपना सौ फीसदी उपचार देने में लगे हुए हैं।वहीं आपको बता दे की चिकित्सालय परिसर में बारिश के दौरान पानी जमा हो जाता जिससे वहां मौजूद गायों और अन्य पशुओं जिनका उपचार चल रहा होता है उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।जिसके चलते चिकत्सालय के चिकित्सक भी अत्यंत चिंतित रहते है।चिकित्सकों का कहना है कि जब हम पशुओं का उपचार करते है तो इस तरह की परेशानी होने से पशुओं में इन्फेक्शन की भी समस्या रहती है।हालांकि चिकित्सकों ने अपनी ओर से परिसर में हाल ही में मिट्टी डलवाकर जगह को समतल बनाया है।जिससे उपचार के लिए आए पशुओं को आराम से बैठने से कोई परेशानी न हो।

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उपनिदेशक डॉ पी के अग्रवाल के निर्देशन में सभी अधिकारियों व कर्मचारियों ने चिकित्सालय परिसर को संवारकर सुंदर व स्वच्छ बनाने में सहयोग किया । जिससे चिकित्सालय की सूरत ही बदल गयी है । वही डॉक्टर रामवतार सिंघल ने बताया कि पशुपालको को सरकारी योजनाओं जैसे कि राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान योजना, निशुल्क दवा योजना, विभिन्न पशुओ के टीकाकरण कार्यक्रम, सोनोग्राफी, सभी पशुओं की जटिल सर्जरी आदि की सुविधायें निरन्तर मिल रही है। इससे धौलपुर जिले के पशुपालक लाभान्वित हो रहे हैं । आये दिन दुर्घटना के शिकार, निराश्रित पशुओं के इलाज के लिए पशुचिकित्सको व कर्मचारियों का 24 घण्टे भरपूर सहयोग मिल रहा है । रात को 12 बज रहे हो या 2, सभी कर्मचारी अधिकारी गाय के इलाज के लिए तत्पर रहते हैं। रात्रि उपचार के बारे में पूछने पर पशु चिकित्सक अधिकारी डॉक्टर सुशांत शर्मा ने रात्रि समय की उपचार की कुछ तस्वीरें भी साझा की।साथ ही शर्मा ने बताया कि हमारे साथी चिकित्सक रामवतार सिंघल और आस्था तिवारी का भी पशुओं की देखरेख में अहम योगदान निभा रहे है।इसके साथ ही उन्होंने बताया कि गोसेवको के सहयोग से गाय समय पर चिकित्सालय में इलाज के लिए पहुंचती है। उसके बाद पशुचिकित्सकों के द्वारा उचित निदान कर इलाज किया जाता है ।दुर्घटनाग्रस्त गाय को गोसेवक अपने स्तर पर ही इलाज के लिए लेकर आते है। और गायो के इलाज के बाद दोनों समय चारे पानी की व्यवस्था इन गोवेसको द्वारा की जाती है।