30 मई तक कर्फ्यू से परकोटा की साढ़े सात लाख की आबादी काे नहीं मिलेगी राहत, इसके बाद सीमित हो सकता है कर्फ्यू

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मरुधर बुलेटिन न्यूज़ डेस्क। राज्य सरकार के आदेशानुसार, लॉकडाउन-4 लागु होने से पहले ही जयपुर शहर में रेस्टोरेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत काफी दुकानें खुल चुकी हैं। बाजारों में भीड़ भी काफी हद तक बढ़ चुकी है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ पिछले 56 दिन से कर्फ्यू में कैद चारदीवारी को लॉकडाउन-4 में भी राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। रामगंज, माणकचाैक, सुभाष चाैक और काेतवाली थाना इलाको में अभी भी कर्फ्यू लगा हुआ है और यहीं 5 किमी. के दायरे का पूरा इलाका कोरोना का हाॅटस्पाॅट बना हुआ है। इन चाराें थानों के इलाकाें में अब तक लगभग 745 जबकि पूरे परकाेटे में लगभग 813 काेराेना संक्रमित सामने आ चुके हैं। 32 से अधिक लाेगाें की मौते भी इसी क्षैत्र में हुई। इन सब के चलते कयास लगाये जा रहे है कि 17 मई को लॉकडाउन-3 खत्म होने के बाद भी परकोटे की साढ़े सात लाख की आबादी कर्फ्यू में ही कैद रहेगी।

सबसे ज्यादा 5 मरीज भी रामगंज से ही, आंकड़ों के अनुसार अभी तक रामगंज में 5, नाहरी का नाका में 3, जालुपुरा व् फागी में 2-2, सेंट्रल जेल में 2, ट्रांसपोर्ट नगर, प्रतापनगर, झोटवाड़ा, चांदपोल, हसनपुरा, गोल्ड डायग्नोस्टिक, खाूटश्याम जीवन ज्योति और भांकरी में 1-1 केस।

बता दें कि, पुलिस प्रशासन का मानना है कि अभी तक केन्द्र सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की गाइडलाइन नहीं आई है, लेकिन रेड जाेन जयपुर के इन  हाॅटस्पाट इलाको से लगातार काेरोना पॉजिटिव सामने आ रहे हैं। इसलिए कर्फ्यू से आगामी 31 मई तक राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही। केन्द्र की वर्तमान गाइडलाइन के अनुसार भी यही है कि राहत उसी जगह दी जा सकती है जहां कर्फ्यूग्रस्त इलाके में 14 दिन तक एक भी नया काेरोना संक्रमित नहीं मिला हो। हालांकि गाइडलाइन के अनुसार 31 मई के बाद कर्फ्यू का दायरा बहुत सीमित किया जा सकता है। इसके बाद कुछ चीजों पर छूट भी दी जा सकती है। लेकिन अभी यहां ये सभी पाबंदियां जारी रहेंगी। वहीं बाकी शहर में राहत रहेगी।