राजस्थान में आपराधिक मामले तेजी से बढ़े रहे हैं। राज्य में पिछले छह महीने में जिस तरह से मामले सामने आए हैं वह बहुत ही हैरान करने वाले हैं तो वहीँ कोरोना संक्रमण की वजह से लागू लॉकडाउन के दौरान भी क्राइम के ग्राफ में बढ़ोतरी देखने को मिली है. दूसरा पहलू ये भी है कि जो मामले दर्ज हुए उसके निपटारे की रफ्तार काफी धीमी रही……..

यहाँ अपराधों की अगर हम बात करे तो महिलाओ के साथ घरेलू हिंसा दुष्कर्म, दहेज़ मृत्यु, दलितों की हत्या और भी बहुत से अपराधों ने जनम ले लिया है तो चलिए इसके बारे में आपको विस्तार से बताते है

बात अगर अपराधों की करे तो 2019 में जहां 2298 और 2020 में 1807 दुष्कर्म के केस दर्ज हुए थे, वहीं इस साल मई तक यानी पांच माह में ही कुल 2461 केस दर्ज हो चुके हैं। महिला उत्पीड़न के मामले भी इस साल तेजी से बढ़े हैं। वर्ष 2019 मे 7058 और वर्ष 2020 में दर्ज 4103 मामलों की तुलना में वर्ष मई 2021 तक महिला उत्पीड़न के 6254 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।खुद राजस्थान पुलिस की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल की तुलना में मई 2021 में महिलाओं के साथ होने वाली आपराधिक घटनाओं में इजाफा हुआ है. ये आंकड़े इसलिए चौंकाने वाले हैं क्योंकि कोरोना की वजह से लागू लॉकडाउन में अपराधों का ग्राफ काफी बढ़ा है. दूसरा पहलू ये भी है कि दर्ज हुए मामलों में निस्तारण की रफ़्तार काफी धीमी रही.,महिलाओ के साथ साथ बाकी अपराधो की बात करे तो राजस्थान में हनुमानढ़ जिले के एक गांव में दलित युवक को पीट पीटकर मार डालने का मामला सामने आया था। तो वहीँ गेहलोत सरकार का एक बार और दलित विरोधी चेहरा उजागर हुआ झालावाड़ के झालरापाटन में मोब लीचिंग को लेकर हुए दलित की हत्या को लेकर भाजपा राजस्थान का पर्दिनिधि मंडल परिजनों को सम्बल देने के लिए जा रहा था तो सर्कार ने शांतिपूर्वक जा रहे प्रतिनिधिमंडल को जब्बरन रोक कर अपनी तानाशाही जाहिर की ….. अपराध लगातार बढ़ रहे है लेकिन अगर बात करे राजस्थान पुलिस की तो इन मामलों में जांच और अनुसंधान की रफ़्तार बेहद धीमी है जो राज्य की पुलिस के कामकाज पर सवालिया निशान लगाती है……अपराध के मामले पेंडिग होना इस बात को दर्शाता है कि राज्य पुलिस कितनी संवेदनशील है.

देखा आपने राजस्थान में महिला अपराध कितना विकराल रूप लेता जा रहा है इस पर नजर डालने के लिए तारीखों के ज्यादा पन्ने नहीं पलटने पड़ेंगे। महीनेभर के भीतर ही यहां दुष्कर्म के दो भयावह मामले सामने आए हैं। एक दुष्कर्म थाने में हुआ, जब पीड़िता वहां मदद के लिए पहुंची थी। वहीं, दूसरे मामले में नाबालिग के साथ 20 लोग नौ दिन तक दुष्कर्म करते रहे। दरअसल यह स्थिति सिर्फ आज या अभी की नहीं है बल्कि लंबे अरसे से बनी हुई है…….