Marudhar Desk: भारत ही नही बल्कि पूरी दुनिया में कोरोना ने तबाही मचाई है। अब नया वैरिएंट ओमिक्रोन पूरी दुनिया के लिए चिंता बना हुआ है। ऐसे में अब एक और डराने वाली खबर सामने आ रही है। राजधानी दिल्ली में कोरोना बेकाबू होता जा रहा है। कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए दिल्ली सरकार की तरफ से लगाए गए नाइट कर्फ्यू और वीकेंड कर्फ्यू के बाद भी संक्रमण की स्पीड में कोई खास असर होता हुआ दिख नहीं रहा है। राजधानी में बिगड़ते हालातों को देखते हुए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण DDMA ने आज समीक्षा बैठक की और कई बड़े फैसले भी लिए हैं। सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के अनुसार होटल रेस्टोरेंट में बैठकर खाने पर पाबंदी लग सकती है। हालांकि, रेस्टोरेंट से होम डिलीवरी और टेकअवे की सुविधा जारी रहेगी बता दें कि डीडीएमए की बैठक में लोगों को होम आइसोलेशन में कैसे सुविधा दी जाए इस पर भी चर्चा हुई। वहीं 1 दिन में 1 लाख नए मामले आते हैं तो इसके लिए क्या तैयारियां हैं इसको लेकर भी गहन विचार विमर्श किया गया और सुझाव दिए गए। इस बैठक में आपातकालीन स्थिति में कितने ट्रेंड डॉक्टर, छात्र, नर्सेज, पैरामेडिकल स्टाफ और हेल्थ केयर वॉलिंटियर होंगे इस पर भी चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि मीटिंग में दिल्ली सरकार ने इस पर ज़ोर दिया कि जो भी पाबंदी दिल्ली में लगी है वो एनसीआर में क्यों लागू नहीं हो रही, ख़ासतौर पर वीकेंड कर्फ़्यू भी एनसीआर में भी लागू होना चाहिए। गौरतलब है कि दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट ऑथोरिटी (DDMA) की महत्वपूर्ण बैठक वर्चुअल माध्यम से उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में शुरू हुई। बैठक में सीएम अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, रेवेन्यू मिनिस्टर कैलाश गहलोत, मुख्य सचिव विजय देव और स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। वहीं नीती आयोग के सदस्य डॉक्टर वी के पॉल और डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने भी मीटिंग में शिरकत की।