कोरोना और लॉक डाउन बना जान का दुश्मन, जोधपुर में कर्ज न चुका पाने से परेशान परिवार ने लगाया मौत को गले…

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suicide in jodhpur

मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। कोरोना महामारी और लॉकडाउन ने ना जाने कितने ही लोगों की नौकरियां छीन ली है। ना जाने कितने ही लोगों का काम धंधा बिल्कुल ठप हो गया है। आर्थिक परेशानी से जूझ रहा आम आदमी मानसिक तनाव के कारण गलत कदम उठाने को मजबूर है। ऐसा ही एक मामला राजस्थान के जोधपुर जिले से सामने आ रहा है। जहां एक परिवार ने कोरोना महामारी और लॉक डाउन के चलते आर्थिक तंगी से परेशान आकर मौत को गले लगा लिया। दरअसल, जोधपुर में कर्ज के बोझ तले दबे एक परिवार ने जीने से ज्यादा आसान आत्महत्या करना समझा। परिवार के तीनों सदस्यों के शव पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। मौके से सुसाइड नोट मिला है जिसमें घर के मुखिया ने कर्ज से परेशान होने के बाद यह कदम उठाने की बात कही है। जोधपुर में सुथार परिवार में राजेंद्र, उनकी पत्नी इंदिरा और बेटा नितिन किराए के मकान पर रहते थे। पिता राजेंद्र और पुत्र नितिन फर्नीचर का काम करते थे जबकि पत्नी इंदिरा घर का कामकाज संभालती थी। किराए के मकान में रह रहा यह परिवार खुद का घर लेना चाहता था। लेकिन महामारी के चलते देश में लगे लॉकडाउन के बाद घर लेना तो बहुत बड़ी बात है, सिर पर जो कर्ज था उसका ब्याज चुकाना भी मुश्किल हो गया। आखिर में आर्थिक तंगी से परेशान इस परिवार ने आत्महत्या कर जान दे दी। गुरुवार रात तक सब सामान्य था। रात 11:00 बजे तीनों घर आए और साथ मिलकर खाना खाया। रात 12:00 बजे के करीब बेटे नितिन ने पीछे के कमरे में फांसी से फंदा लगा लिया। जिसके बाद राजेंद्र ने पत्नी का गला घोट दिया और खुद भी फांसी के फंदे से झूल गया। पुलिस मौके पर पहुंची तो टीवी ऑन था। पुलिस ने तीनों के शव एमडीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाएं हैं। शनिवार को तीनों शवों का पोस्टमार्टम होगा। बता दें कि मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट और एक डायरी भी मिली है। सुसाइड नोट में कर्ज ना दे पाने की बात लिखी है और एक महिला का नाम भी लिखा है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि किस – किस से कितने-कितने पैसे लिए गए थे।