Jaipur: राजस्थान में 12 दिसंबर रविवार को कांग्रेस की रैली होने जा रही है। ये रैली देश में बढ़ी मंहगाई के खिलाफ कांग्रेसी नेती और कार्यकर्ता निकाल रहे है। कांग्रेस की इस रैली में एक लाख से ज्यादा लोगों की भीड इक्ठ्ठी करने का दावा किया जा रहा है। लेकिन वहीं राजस्थान में अब कोरोना का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। जहां एक तरफ राजधानी जयपुर में ओमिक्रोन के कई संदिग्ध मामले सामने आने के बाद चिंता बढ़ गई है तो वहीं कांग्रेस की इतनी बड़ी रैली में सामाजिक दूरी के नियम की पालना बेहद मुश्किल है। ऐसे में कांग्रेस की राष्ट्रीय रैली को चुनौती देने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। चीफ जस्टिस अकील कुरैशी और जस्टिस उमाशंकर व्यास की डिवीजनल बेंच ने राजेश मूथा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। इसके बाद कांग्रेस ने अपनी रैली की तैयारियां तेज कर दी हैं। उधर, हेल्थ सेक्रेट्री वैभव गालरिया ने कोविड की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए विभाग को तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि कोर्ट में राजस्थान सरकार की ओर से पेश हुए एजी एमएस सिंघवी ने इस PIL को पब्लिसिटी स्टंट और राजनीति से प्रेरित बताया। कहा कि जिस दिन कांग्रेस की रैली को लेकर खबर छपी, उसी दिन बिना तैयारी के याचिका दायर कर दी। याचिका में 5 दिसंबर को होने वाली बीजेपी की रैली को चुनौती नहीं दी गई थी। साथ ही, कोर्ट को बताया कि डॉक्टर्स ने कहा है कि ओमिक्रॉन ज्यादा घातक नहीं है। याचिका खारिज होने के बाद कांग्रेस पार्टी बड़ी रैली की तैयारियों में जुट गई है। कांग्रेसी कार्यकर्ता इस रैली को सफल बनाने के लिए प्रयासों में जुट गए है। बता दें कि मंहगाई के खिलाफ होने जा रही कांग्रेस की राष्ट्रीय रैली जयुपर के विद्दाधर नगर स्टेडियम में होगी। जहां लाखों लोगों को इकठ्ठा करने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच ये रैली प्रदेश की जनता के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।