कोटा – कल रविवार को प्रदेश के 27000 ग्राम पंचायत सहायको ने ट्विटर पर गहलोत सरकार को घेरा हैं । सोशल मीडिया के इस मैदान में पंचायत सहायकों ने अपनी एकता दिखाई है और पूरे भारत में छठवें नंबर पर एवं राजस्थान में प्रथम स्थान पर ट्रेडिंग रहा है । प्रदेश के 27,000 ग्राम पंचायत सहायकों के नियमितीकरण को लेकर चलाया जा रहा है अभियान राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत , प्रदेश अध्यक्ष एवं शिक्षा मंत्री श्री गोविंद सिंह डोटासरा , श्री सचिन पायलट , प्रदेश प्रभारी श्री अजय माकन , संविदा कमेटी अध्यक्ष श्री बी डी कल्ला , सालेह मोहम्मद , ममता भूपेश , श्री अशोक चांदना , आदि को ट्विटर पर घेरा गया है।ग्राम पंचायत सहायक पिछले चार साल से नियमित रोजगार की आस लगाए बैठे हुए हैं । पूर्व में विद्यार्थी मित्र के रुप में आठ वर्षों तक राज्य सरकार को अपनी सेवाएं दी है। कांग्रेस सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में ग्राम पंचायत सहायकों को नियमित करने का वादा किया था । वर्तमान में ग्राम पंचायत सहायक बीते 3 महीनों से बिना मानदेय प्राप्त किए पंचायत एवं विद्यालयों में कोरोना वॉरियर्स के रूप में कार्य कर रहे हैं। मात्र छः हजार मासिक मानदेय में दो – दो विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ना कोई अतिरिक्त यात्रा भत्ता मिलता है ना ही कोई सुरक्षा सामग्री। प्रदेश के पंचायत सहायक इस महामारी में चेक पोस्ट सर्वे आइसोलेशन कक्ष के बाहर निगरानी दल के रूप में कंट्रोल रूम में सर्वे दल के रूप में और वैक्सीनेशन की कार्य में अपनी पूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 17 ग्राम पंचायत सहायक ऑनड्यूटी इस महामारी की चपेट में आकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर चुके हैं ।पंचायत सहायको का कहना है की यदि राज्य सरकार जल्द ग्राम पंचायत सहायकों के नियमितीकरण को लेकर फैसला नहीं करती है । तो लॉकडाउन के हटते ही प्रदेश के 27000 ग्राम पंचायत सहायक जयपुर की धरा पर एक महा आंदोलन के साथ दिल्ली एआईसीसी की ओर दांडी यात्रा का आगाज करेंगे। जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।