जयपुर। गुरुवार को दिन में बिना मास्क पत्रकारों को बचने की सलाह देने के बाद सीएम गहलोत खुद शाम को कोरोना पॉजिटिव आ गए। इसका कारण भी स्पष्ट था कि वे गुरुवार को प्रेस वार्ता में भी बिना मास्क के नजर आए। शाम को उन्होंने ट्विटर पर जानकारी दी, मुख्यमंत्री ने लिखा- आज शाम मैंने अपना कोविड टेस्ट करवाया जो पॉजिटिव आया है। मेरे बेहद हल्के लक्षण हैं एवं कोई अन्य परेशानी नहीं है। आज मेरे संपर्क में आए सभी लोगों से निवेदन है कि वे स्वयं को आइसोलेट कर लें एवं अपना कोविड टेस्ट अवश्य करवाएं। हालांकि उनके कोविड पॉजिटिव आने के बाद उन पत्रकारों में हलचल मच गई जो दिन में सीएम गहलोत की प्रेस वार्ता में शामिल थे। इसी प्रेस वार्ता में मरुधर बुलेटिन द्वारा कोरोना की गंभीरता पर पूछे गए सवाल पर सीएम गहलोत ने कहा था कि उन्हें सबसे ज्यादा पत्रकारों की ही चिंता है। हालांकि इस दौरान वे खुद बिना मास्क के नजर आए और शाम को कोविड पॉजिटिव भी आ गए। जनता को कोरोना नियमों का पालन करने और मास्क लगाने की हिदायत देने वाले मुख्यमंत्री खुद ही मास्क लगाना भूल गए और पत्रकारों की बीच वार्ता की। वहीं, इस बीच सीएम ने लॉकडाउन लगाने से साफ इनकार कर दिया है। गहलोत ने फिलहाल वीकेंड कर्फ्र्यू से भी इनकार किया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लॉकडाउन के सवाल पर कहा कि राजस्थान में अभी सरकार लॉकडाउन का कोई विचार नहीं कर रही है। लोग सावधानी बरतें और इसे गंभीरता से लें। कोरोना की दूसरी लहर के शुरू होने के समय भी सीएम अशोक गहलोत ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि सरकार लॉकडाउन नहीं लगाएगी। सीएम के इस बयान के बाद जब कोरोना के केस बढऩे लगे तो सरकार ने लॉकडाउन लगा दिया था। इधर, राजस्थान में कोरोना की नई पाबंदियों की गाइडलाइन 7 जनवरी से लागू हो रही है। इस गाइडलाइन में रात 11 से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्र्यू की सख्ती से पालना का प्रावधान है। जयपुर और जोधपुर के शहरी क्षेत्र में 8वीं तक के स्कूल 17 जनवरी तक बंद हैं। नई गाइडलाइन के अनुसार बसों में खड़े होकर यात्रा करने पर पाबंदी है। धार्मिक केंद्रों पर पूजा सामग्री और प्रसादी पर रोक है।
बता दें कि सीएम गहलोत ने कहा- हम चाहते हैं कि लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। सोशल डिस्टेंस मेंटेन करें, हाथों को सैनिटाइज करें, मास्क लगाएं और वैक्सीन के दोनों डोज लगवाएं। यह बहतु जरूरी है। अभी जो लोग अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं, उनमें एक भी सीरियस नहीं है। इसका कारण यही है कि ज्यादातर लोगों को वैक्सीन लगी हुई है। सबको वैक्सीन लगाना जरूरी है। गहलोत ने कहा कि कोरोना की पहली, दूसरी लहर और अब में फर्क है। यह कम घातक है। कई देशों में ओमिक्रॉन आ रहा है, लेकिन वहां पिछली बार की तरह हाहाकार नहीं मचा है। चिंता इस बात कि है कि एक्सपर्ट यह कह रहे हैं कि यह जब तेजी से फैलता है, तो इसमें कई म्युटेंट बनकर नया वैरिएंट बन जाता है। ऐसी हालत में यह सबसे ज्यादा खतरनाक हो जाता है। 125 देशों में यह फ़ैल चुका है लेकिन मौतें न के बराबर हैं। जरुरत है कि हम सभी ध्यान रखें और एहतियात बरतें हालांकि इस दौरान सीएम खुद ही बिना मास्क के दिखाई दिए।