जयपुर|Mahima Jain: 53 दिनों तक आंदोलन चलने के बाद आखिरकार सरकार से वार्ता के रास्ते खुले। मुख्यमंत्री से पहले जहां राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ अध्यक्ष उपेन यादव के नेतृत्व में 8 सदस्य प्रतिनिधि मंडल की अधिकारियों से वार्ता हुई।अधिकारियों से हुई वार्ता में करीब आधा दर्जन भर्तियों को लेकर सहमति बनी लेकिन कुछ भर्तियों का जिनका मुख्यमंत्री स्तर पर ही फैसला होना है। उसको लेकर मुख्यमंत्री से वार्ता प्रस्तावित रखी गई तो वहीं आज प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से वार्ता हुई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुलाकात करने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल के एक-एक सदस्य से विस्तार से चर्चा की।

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मांगों को जल्द पूरा करवाने का आश्वासन दिया

साथ ही बेरोजगारों की सभी मांगों को जल्द ही पूरा करवाने का आश्वासन भी दिया, जिसके बाद महासंघ अध्यक्ष उपेन यादव ने अपने आंदोलन को स्थगित करने का फैसला लिया।गौरतलब है कि 21 सूत्री मांगों को लेकर इस बार बेरोजगारों ने आर-पार के आंदोलन की घोषणा की थी। पहले 44 दिनों तक शहीद स्मारक पर बेरोजगारों ने धरना दिया तो उसके बाद बेरोजगारों ने अपनी मांगों को प्रियंका गांधी और राहुल गांधी तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश कूच किया। लखनऊ कांग्रेस कार्यालय के बाहर 8 दिनों तक धरना देने के बाद कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ की मध्यस्था से सरकार के साथ वार्ता के दरवाजे खुले और यह वार्ता सकारात्मक भी रही।

उपेन यादव ने बताया

राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ अध्यक्ष उपेन यादव ने बताया कि 21 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन की शुरुआत की गई थी और आंदोलन के दौरान ही करीब 7 मांगों को पूरा कर दिया गया था और अब 9 मांगों पर और सहमति बन गई है। 5-6 मांगों को इसी महीने में पूरा करने का विश्वास दिलाया गया है तो वहीं कोर्ट में अटकी हुई भर्तियों पर भी सरकार की ओर से मजबूत पैरवी करने का आश्वासन दिया गया है। इसके साथ ही नई भर्तियों की विज्ञप्ति भी जल्दी जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री से वार्ता सकारात्मक रही है। इसके बाद हमने हमारे आंदोलन को स्थगित करने का फैसला लिया है।