बर्ड्स फ्लू के साथ अब चाइनीज मांझे का कहर

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। कोटा में जहाँ बर्ड्स फ्लू को लेकर लोगों में दहशत है। वहीं ह्युमन हेल्पलाईन संस्था के पास रेस्क्यू के कॉल काफी तेजी से बड़े है। ह्युमन हेल्पलाईन के अध्यक्ष मनोज जैन आदिनाथ ने बताया कि पिछले एक पखवाड़े में शहर से काफी बड़ी संख्या में बर्ड्स रेस्क्यू को लेकर हेल्पलाईन पर कॉल आ रहें हैं। जिनको लेकर चिंता तो अवश्य ही बड़ी ही साथ ही सभी पर्यावरण प्रेमी और जीवदया प्रेमियों ने एक चुनौती के रूप में इस आपदा को स्वीकार कर टीम में संख्या और साधन में इजाफा कर सेवा क्षेत्र में विस्तार किया है।

अत्यधिक गम्भीर रूप से घायल एवं बीमार पक्षियों को हेल्पलाईन की एम्बुलेंस द्वारा मौखापाड़ा स्थित बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय एवं नयापुरा स्थित जन्तुआलय में पहुंचाकर समय पर उपचार कराया जा रहा है। एक ओर बर्ड् फ्लू दूसरी ओर मकर सक्रांति के दौरान पतंगबाजी के दौरान चाइनीज मांझे से उलझकर घायल पक्षियों के अलावा बिल्लियों, बंदरों और स्वानों के नवजात पिल्लों के फँसने की सूचना भी निरन्तर आ रही है। सोमवार को बिल्ली, स्वान एवं विदेशी पक्षी के अलावा, कबूतर, डेकल, तोता और मोर के रेस्क्यू के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कॉल आने पर मौके पर पहुँचकर रेस्क्यू कर प्राथमिक उपचार किया गया। वहीं घायल स्वान, मोर एवं विदेशी ब्लैक ब्लू कैटल को सर्जरी हेतु मोखापाड़ा स्थित बहुउद्देश्य पशु चिकित्सालय पहुंचाकर सर्जरी एवं उपचार कराया गया। डॉक्टर अखिलेश पाण्डे द्वारा मांझे से घायल पिल्ले की सर्जरी कर 70 टाँके लगाएं गए साथ ही मोर की आँख में ट्यूमर होने पर गाँठ निकाली गई। साथ ही विदेशी पक्षी ब्लैक ब्लू कैटल की भी सर्जरी की गई।

इस दौरान सेवासाथी भीमसिंह, राजकुमार बड़जात्या, सुनील मेहता, सांवरिया भील, रविन्द्र जैन, तान्या सिंह, दौलतराम मेहरा आदि उपस्थित रहे। ह्युमन हेल्पलाईन के सदस्यों ने मार्मिक अपील कर लोगों से कहा है कि चाइनीज मांझे का प्रयोग न करें। साथ ही पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हर व्यक्ति को जिम्मेदारी निभानी आवश्यक है। एक तरफ बर्ड फ्लू दूसरी तरफ मांझे और तीसरी तरफ खराब मौसम से भी पक्षियों के जीवन पर संकट आ खड़ा हुआ है जिसे हमें मिलकर दूर करना आवश्यक है।