मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा- कोरोना के खिलाफ बहुत लंबी लड़ाई लड़नी है, जरूरतमंदो की मदद करें केंद्र सरकार…

0
26
Ashok Gehlot

मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि कोरोना के खिलाफ राज्यों को अभी बहुत लंबी लड़ाई लड़नी है। यह लड़ाई कब तक लड़नी होगी इस बात का अनुमान लगाना भी बेहद मुश्किल है। सीएम अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह करते हुए कहा कि प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था स्थिति गहरे संकट से गुजर रही है।अधिकांश औद्योगिक एवं वाणिज्यिक इकाइयां अपनी क्षमता से बहुत कम उत्पादन कर पा रही हैं। ऐसे में भारत सरकार मांग बढ़ाने के उपायों पर ध्यान दे। इसके लिए जरूरतमंद परिवारों को डायरेक्ट कैश ट्रांसफर किया जाए, जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़े। आर्थिक मंदी से जूझ रहे लोगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। सीएम गहलोत ने बुधवार को पीएम मोदी के साथ हुई बैठक के बाद पत्र के माध्यम से यह सुझाव भेजे हैं। इस पत्र में सीएम गहलोत ने कहा कि इस महामारी के बाद देश में बेरोजगारी दर करीब 24 प्रतिशत तक पहुंच गई है। मनरेगा योजना इस मुश्किल समय में लोगों को आर्थिक संबल दे रही है।

राजस्थान में वर्तमान में 53 लाख से अधिक श्रमिक इस योजना में नियोजित हैं।इनमें से अधिकतर ग्रामीण परिवारों के 100 दिन के रोजगार की पात्रता आने वाले माह में पूरी हो जाएगी। ऐसे में इन्हें बेरोजगारी से बचाने के लिए अतिरिक्त 100 मानव दिवस सृजित किए जाएं। इससे राज्य के 70 लाख ग्रामीण परिवारों को लाभ होगा।ऐसी स्थिति में केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के संचालन के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 का शत-प्रतिशत अंशदान भारत सरकार ही वहन करे। कोविड-19 की चुनौती से निपटने के लिए राज्यों द्वारा अतिरिक्त व्यय किया जा रहा है। इसके लिए भी केन्द्रीय सहायता आवश्यक है।  मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रदेश में टिड्डियों के भीषण आक्रमण को देखते हुए इसके नियंत्रण के लिए टिड्डी चेतावनी संगठन के पास स्प्रेयर की संख्या बढ़ाने, हवाई छिड़काव की व्यवस्था करने एवं टिड्डी के उद्गम स्थल वाले देशों के साथ समन्वय स्थापित करने का भी अनुरोध किया है।इस वर्ष राज्य में 29 जिलों में करीब 1 लाख 90 हजार हैक्टेयर कृषि क्षेत्र टिड्डी से प्रभावित हुआ है। विश्व खाद्य एवं कृषि संगठन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार जून एवं जुलाई माह में ईरान और अफ्रीका से बड़े पैमाने पर टिड्डी का आक्रमण हो सकता है।इसे देखते हुए केन्द्र सरकार किसानों को फसल नुकसान से बचाने के लिए उचित प्रबंध करे।