Marudhar Desk: बुधवार को तमिलनाडू के कून्नूर में हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया है। इस विमान में सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 14 लोग सवार थे। इस हादसे में 13 लोगों की जान चली गई जबकि ग्रुप कैप्‍टन वरुण सिंह की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। उनके शरीर का 45 प्रतिशत हिस्सा जल चुका है। पूरा देश उनके जीवन के लिए दुआएं मांग रहा है। बता दें कि क्षतिग्रस्त हुआ हेलिकॉप्टर सुलूर एयरबेस से वेलिंगटन जा रहा था, लेकिन यह नीलगिरी में क्रैश हो गया। जो हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ है वो वायुसेना का एक MI-17 V5, जो कि रुस में बना है। ये हेलीकॉप्टर वायुसेना का सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित हेलिकॉप्टर माना जाता है। साल 2008 में भारत ने 130 करोड़ रुपये की कीमत में 80 MI-17 V5 हेलीकॉप्टर खरीदने का करार किया था। साल 2018 तक सभी 80 हेलिकॉप्टर रुस ने भारत को सौंप दिए। ये हेलिकॉप्टर दुनिया के सबसे एडवांस एयरलिफ्ट विमानों में शुमार है। इसलिए इसका इस्‍तेमाल रेस्‍क्‍यू मिशन, ट्रांसपोर्टेशन, हैवीलिफ्ट और वीवीआईपी मूवमेंट में होता है। दुनिया का सबसे एड़वांस हेलिकॉप्टर होने के नाते भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत वीवीआईपी इसमें सफर करते है।
क्‍यों खास है MI-17 हेलिकॉप्टर?
यह 36 हजार किलो तक का वजन उठा सकता है। जिन Mi-17V-5 को वीवीआई के लिए मोडिफाय किया जाता है उसमें 20 लोग बैठ सकते हैं। यह एक ट्विन इंजन मल्‍टीपर्पज हेलिकॉप्‍टर है और MI-8 का अपग्रेडेड वर्जन है। इसमें अन्य कई खूबियां है। ये हर तरह के मौसम में उड़ सकता है और इसकी उड़ने की गति 250 किलोमीटर प्रति घंटा है। ये हेलिकॉप्टर बेहद सुरक्षित और एडवांस माना जाता है। लेकिन भारत में MI-17 हेलिकॉप्टर का इतिहास कुछ खास नही है। साल 2017 में अरुणाचल प्रदेश में MI-17 हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 2018 में भी केदारनाथ के पास Mi-17V5 दुर्घटनाग्रस्त हुआ था लेकिन तब किस्मत अच्छी थी कि कोई जनहानि नही हुई। 2019 में भी जम्मू कश्मीर के बडगाम में Mi-17V5 क्रैश हुआ इस हादसे में 6 सावर लोगों की मौत हो गई थी। दुनिया के करीब 60 देशों में 12 हजार से ज्‍यादा MI-17 हेलिकॉप्टर मौजूद हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि दुनिया का इतना श्रेष्ठ, अत्याधुनिक, और भरोसेमंद हेलिकॉप्टर होने के बावजूद भी भारत में इतने हादसे क्यों …?