केंद्र सरकार द्वारा सीबीएसई 12वीं की परीक्षा कैंसिल होने के बाद अब राजस्थान में भी 10वीं और 12वीं के बोर्ड की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। गहलोत कैबिनेट की बैठक में मंथन के बाद बुधवार को यह फैसला लिया। इस बार दोनों बोर्ड की परीक्षाओं के लिए 21 लाख 60 हजार 217 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। 12 लाख 14 हजार 512 दसवीं की परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले परीक्षार्थी हैं। दसवीं मूक-बधिर परीक्षा के लिए 1763 विद्यार्थियों ने आवेदन किए। 10वीं वोकेशनल परीक्षा के लिए 48 हजार 846 परीक्षार्थियों ने आवेदन किए। प्रवेशिका परीक्षा के लिए 8355 विद्यार्थियों ने आवेदन किए। 12वीं परीक्षा के लिए कुल 8 लाख 82 हजार 112 परीक्षार्थियों ने आवेदन किए। 12वीं मूक बधिर परीक्षा के लिए 809 विद्यार्थियों ने आवेदन किए और वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षाओं के लिए 3823 परीक्षार्थियों ने आवेदन किए हैं …. जैसा की शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कल बैठक के बाद जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना को देखते हुए 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं नहीं करवाई जाएं। बैठक में बोर्ड परीक्षाओं को निरस्त करने के बाद रिजल्ट तैयार करने के लिए दूसरे विकल्पों पर भी चर्चा हुई। हालांकि, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि बोर्ड किसी आधार पर छात्रों के रिजल्ट तैयार करेगा। इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने राज्य सरकारों को बोर्ड परीक्षाएं टालने का सुझाव दिया था। प्रियंका गांधी के सुझाव के बाद माना जा रहा था कि गहलोत सरकार उसी के अनुसार फैसला कर सकती है…. बता दे की (RBSE) ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के टाइम टेबल के मुताबिक परीक्षाएं 6 मई से शुरू होनी थी, लेकिन कोरोना के कारण 14 अप्रैल को ही परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला किया था। 10वीं की परीक्षाएं 22 दिन यानी 27 मई तक चलती। वहीं, 12वीं की परीक्षाएं 24 दिन यानी 29 मई तक होनी थी। सभी परीक्षाओं के लिए समय सुबह 8.30 से 11.45 बजे रखा गया था….. बोर्ड ने इन परीक्षाओं के लिए कुल 6046 सेंटर बनाए थे। इनमें 80 परीक्षा केंद्र संवेदनशील और अतिसंवेदनशील चिन्हित किए गए थे। कुल 53 परीक्षा केंद्र संवेदनशील और 27 परीक्षा केंद्र अति संवेदनशील थे। उत्तर पुस्तिकाओं के संग्रहण के बोर्ड ने प्रदेश भर में 60 केंद्र बनाए थे। सूत्रों के अनुसार राजस्थान बोर्ड उत्तर पुस्तिकाएं और पर्चे तैयार करवा चुका है। लेकिन अब ये सब बेकार हो गए हैं। बोर्ड का इन पर करोड़ों रुपया खर्च हो गया है…. वही पिछले साल 2020 में बोर्ड एग्जाम कोरोना के कारण देरी से करवाए गए थे। 10वीं और 12वीं में शामिल होने वाले करीब तीन लाख विद्यार्थी पास नहीं हो पाए थे। खास बात यह है कि परीक्षा में बैठने वालों के मुकाबले आवेदन करने वाले ज्यादा थे। इसके बावजूद परीक्षा में बैठने के बावजूद फेल होने वालों की कुल संख्या 2 लाख 95 हजार 577 रही। करीब 50 हजार विद्यार्थी ऐसे थे जो आवेदन कर परीक्षा में ही शामिल नहीं हुए थे।