जालोर शहर के राजेंद्र नगर में सांड के हमले से बुजर्ग की मौत के बाद नगर परिषद ने शहर को लावारिस पशुओं से मुक्त करने को लेकर बैठक की। बैठक में उपखंड अधिकारी चंपालाल जीनगर ने नगर परिषद को निर्देश देते हुए जल्द शहर को आवारा पशुओं से मुक्त करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जालौर शहर में मुख्य मार्गो चौराहों रास्तों पर बेसहारा पशुओं का जमावड़ा रहता है जिससे हर वक्त राहगीरों को चोटिल करने व जान माल का नुकसान पहुंचाने की आशंका रहती है। एसडीएम जीनगर ने शहर में हरा चारा विक्रेताओं को पाबंद करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति चारा आम रास्ते पर पशुओं को डालता है तो उसे नहीं बेचें। उन्होंने विक्रेताओं को कहा कि चारा बेचते समय तत्काल एक खाली टेंपो पास में रखें एवं वह चारा ग्राहक से उसमें डलवा दें। जिसके बाद वह चारा गोवंश के लिए नजदीकी गौशाला में पहुंचाकर खिलाए। बैठक में सभापति गोविंद टांक तहसीलदार मादाराम मीणा उपसभापति अंबालाल व्यास थानाधिकारी लक्ष्मणसिंह चंपावत पशुपालन संयुक्त निदेशक डॉ पुनाराम व्यापार मंडल अध्यक्ष शंकरसिंहबगेड़िया उपाध्यक्ष प्रवीण खंडेलवाल समेत कई जने मौजूद रहे।