Jaipur: कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन का खतरा देश में बढ़ता जा रहा है। खासकर राजस्थान में ओमिक्रोन के मामले सामने आने के बाद चिंता बढने लगी है। जयुपर में ओमिक्रोन के 9 मामले सामने आ चुके है लेकिन राजनीतिक पार्टियां इससे बिल्कुल बेफिक्र है। बीते दिन जयपुर में गृहमंत्री आमित शाह की रैली हुई तो अब कांग्रेसी भी 12 दिसंबर को मंहगाई के खिलाफ रैली निकालने पर अड़े हुए है। कल भाजपा के जनप्रतिनिधि सम्मेलन में कोरोना की तीसरी लहर से बेखौफ हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए तो वहीं अब अगले रविवार को कांग्रेस पार्टी जयुपर में होने वाली रैली में अधिक से अधिक भीड़ जुटाने की तैयारी में जुट गई है। अब ऐसे में ये कहना कतई गलत नही होगा कि कोरोना की तीसरी लहर का खतरा सामने होने के बावजूद भी दोनों ही राजनीतिक पार्टियां पब्लिक हेल्थ के बजाए सियासत को प्राथमिकता दे रही है। जिन नेताओं के कंधो पर जनता की जिम्मेदारी है वो अब भीड़ इकठ्ठी कर सभी को खतरे में डाल रहे है। भीड़ जुटाकर कोरोना का खतरा बढ़ाने में फिलहाल कांग्रेस बीजेपी दोनो ही पार्टियां एक साथ दिख रही हैं। बीते रविवार को बीजेपी का जनप्रतिनिधि सम्मेलन था। इतना ही नही बीजेपी नेताओं ने जनप्रतिनिधि सम्मेलन में नियमों को ताक पर रखते हुए मास्क का उपयोग करना भी जरुरी नही समझा। अब कांग्रेस की रैली रविवार को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में होने वाली है। जिसमें एक लाख से ज्यादा की भीड़ जुटाने का दावा है। पड़ोसी राज्यों के अलावा देश भर से इस रैली में नेता और कार्यकर्ता आएंगे। इतनी बड़ी रैली में सोशल डिस्टेंसिंग रख पाना लगभग नामुमकिन है। ऐसे में न तो कांग्रेस ने बीजेपी के जनप्रतिनिधि सम्मेलन पर कोई सवाल उठाया, न ही भाजपा कांग्रेस की आगामी रैली पर कोई सवाल उठा पाएगी। लेकिन इन सब के बीच आम जिंदगियां खतरे में पड़ सकती है। क्योंकि जानकारों के मुताबिक इस भीड़ में एक भी संक्रमित आ गया तो वह कितने लोगों में संक्रमण फैलाएगा इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल होगा। इन रैलियों को किसी भी कीमत पर आयोजित करने पर आमादा सियासी पार्टियों को देश-प्रदेश को बड़े खतरे में डालने की जरा भी फिक्र नहीं है। उन्हें तो बस अपनी वाहवाही और स्वार्थ के लिए भीड़ जुटानी है, जनता मरे तो मरे उन्हें इसकी हरगिज चिंता नहीं है। ऐसी स्थिति में देश एक बार फिर बड़ी मुसीबत में पड़ सकता है और निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ सकती है।