Jaipur: करधनी थाना इलाके में हाल ही हुए बेरहम अभिषेक शर्मा हत्याकांड में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। फेसबुक पर आरोपियों की ओर से की गई पोस्ट के अनुसार अभिषेक शर्मा की लालचंदपुरा में हत्या से चंद घंटों पहले मुख्य सरगना पवन बागड़ा के जन्मदिन की पार्टी आयोजित की थी। इसी पार्टी में अभिषेक का कत्ल करने की योजना बनाई गई। वारदात के बाद सजा से बेखौफ आरोपियों ने पोस्ट में लिखा था कि फैसला जो होगा देखा जाएगा, लेकिन तोड़ने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। कुछ ही देर में आकर 15-20 आरोपियों ने अभिषेक शर्मा पर लाठी-सरियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। घटना में गंम्भीर रूप से घायल हुए अभिषेक शर्मा ने 7 दिसम्बर को सवाई मानसिंह अस्पताल में जीवन और मौत से संघर्ष करते हुए आखिर दम तोड़ दिया। फेसबुक से जुटाई गई जानकारी में सामने आया है कि कथित जन्मदिन पार्टी में एक आरोपी हवा में तलवार लहरा रहा है और उसके बाद जन्मदिन पार्टी में तलवार से ही केक काटा गया था। एक वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें आरोपियों ने लिखा है कि शिकार के लिए बाज आ रहा है।

गरीब पिता का मजदूरी में बंटाता था हाथ:

मृतक अभिषेक शर्मा के पिता सत्यनारायण शर्मा गरीबी से जूझ रहे हैं। अभिषेक 21 वर्ष का था जो पढ़ाई के साथ साथ पिता के कार्य में हाथ बंटाकर परिवार का पालन पोषण करने में अपनी बड़े होने की भूमिका निभा रहा था। पिता सत्यनारायण शर्मा के मुताबिक अभिषेक कॉलेज में प्राइवेट पढ़ाई कर रहा था। सत्यनारायण शर्मा फ़्रिज, एसी, कूलर मिस्त्री है। जिनके बड़ा पुत्र अभिषेक ही था जो अविवाहित था। उसके बाद 18 वर्ष की पुत्री योगिता, 15 वर्षीय पुत्री कविता और 13 वर्षीय पुत्र अखिलेश है जो फिलहाल पढ़ाई कर रहे हैं।

घटना के 9 दिन बाद भी कई आरोपी गिरफ्त से है दूर:


दिनदहाड़े की गई इस सनसनीखेज वारदात के अधिकांश आरोपी 9 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस गिरफ्त से दूर है। ग्रामीणों के मुताबिक 3-4 वाहनों में आए 15-20 युवकों ने इस घटना को अंजाम दिया था मगर अभी तक पुलिस केवल 5 आरोपियों को ही गिरफ्तार कर पाई है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं और ग्रामीणों में भी रोष व्याप्त है।

खाकी को शर्मसार करने वाले “मोती” पर नहीं हुई कार्रवाई:

घटना के दिन 2 दिसम्बर को अभिषेक पर ताबड़तोड़ वार कर रहे आरोपियों की सूचना करधनी पुलिस थाने में तुरंत देने के बावजूद पुलिस काफी देर से पहुँची। वहीं घटना की जांच कर रहे एसआई मोतीलाल शर्मा ने मामले में ढिलाई बरती। अभिषेक की नाजुक हालत होने के बावजूद मामले में हत्या के प्रयास की धाराएं नहीं जोड़ी और न ही आरोपियों को गिरफ्तार किया। आखिरकार परिजनों और ग्रामीणों ने करधनी पुलिस थाने पर प्रदर्शन किया तब जाकर खाकी को निकृष्ट कार्यशैली में चमकाने वाले ‘मोती’ को जांच अधिकारी से हटाया गया और राजेंद्र यादव को जांच सौंपी गई। वहीं इस मामले की गम्भीरता को देखते हुए वैशाली नगर एसीपी रायसिंह बेनीवाल ने मॉनिटरिंग खुद सम्भाली तब जाकर पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।

क्या यह तलवार पुलिस ने जब्त की:

वारदात से चंद घंटों पहले फेसबुक पर पोस्ट शेयर करने वाले आरोपियों ने जब हवा में तलवार लहराई और केक भी तलवार से ही काटा तो इस तलवार का वारदात में प्रयोग किए जाने से इंकार नहीं किया जा सकता। यदि आरोपियों ने घटना में तलवार का प्रयोग किया तो पुलिस ने अब तक तलवार को जब्त क्यों नहीं किया, आदि कई प्रश्न है जिनके उत्तर पुलिस को देना जरूरी है। हालांकि मरूधर बुलेटिन फेसबुक पर की गई पोस्ट आरोपियों की ओर से ही किए जाने की पुष्टि नहीं करता है।

हत्या के मामले में में अभी तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, शेष आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले की मॉनिटरिंग एसीपी रायसिंह बेनीवाल कर रहे हैं।
राजेन्द्र यादव, एसआई करधनी पुलिस