सीएम गहलोत का बड़ा फैसला, कोरोना की जांच और इलाज के लिए नहीं वसूल पाएंगे मनमाना चार्ज…

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Ashok Gehlot

मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। राजस्थान में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। आए दिन बढ़ते संक्रमण के मामलों से प्रदेश की गहलोत सरकार भी चिंतित है। वहीं, मरीजों को भी कोरोना की जांच कराने के लिए प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। जहां उनसे टेस्ट के लिए मनमाना पैसा लिया जा रहा है। लेकिन अब राजस्थान में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए एक राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमण के टेस्ट के लिए और इसके इलाज के लिए अधिकतम दरें तय कर दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को निवास पर हुई समीक्षा बैठक में यह अहम निर्णय लिया है।

इस बैठक में सीएम गहलोत ने फैसला लिया है कि अब प्रदेश के निजी लैब कोरोना जांच के लिए 2200 रुपए प्रति जांच लेंगी। जबकि अस्पताल कोरोना के इलाज के लिए भर्ती मरीजों के लिए सामान्य बेड का किराया 2000 रुपए प्रति दिन और वेंटिलेटर सहित आईसीयू बेड का ₹4000 प्रतिदिन चार्ज ले सकते हैं। इससे अधिक चार्ज लेने की अस्पतालों को अनुमति नहीं है। बता दें कि अभी तक निजी लैब कोरोना की जांच के लिए 4500 रुपए वसूल रही थी। सीएम गहलोत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि कोरोना मरीजों से अधिक पैसा वसूलने वाली निजी लैब और अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी दौरान सीएम गहलोत ने कहा कि प्रदेश में 21 जून से प्रदेशवासियों को कोरोना के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। इस प्रदेशव्यापी जागरूकता अभियान को जनता का अभियान बनाया जाएगा।