राज्यसभा चुनाव से पहले राजस्थान की सियासत गरमाई, विधायकों के साथ रिसोर्ट में ठहरे सीएम गहलोत…

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मरुधर बुलेटिन न्यूज़ डेस्क। राजस्थान में जैसे-जैसे राज्यसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं सियासी हलचल तेज होती जा रही है। इन दिनों राजस्थान की राजनीति भी गर्माती जा रही है। कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। कांग्रेस ने अपने विधायकों को बचाने के लिए बड़ाबंदी शुरू कर दी है। जहां कांग्रेस अपने विधायकों को बचाने में जुटी हुई है वहीं भाजपा के नेता अपने विधायकों की तरफ से निश्चिंत नजर आए। कांग्रेस के विधायक शिव विला रिसोर्ट में ठहरे हुए हैं। विधायकों को अपनापन महसूस कराने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुरुवार को शिव विला रिसोर्ट में ही ठहरे। मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर 2:00 बजे विधायकों की बैठक होने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि अपने विधायकों को लेकर कांग्रेस आलाकमान बेहद सतर्क है। कांग्रेस, बीटीपी और निर्दलीय विधायक 19 जून तक शिव विला रिसोर्ट में ही ठहरेंगें। ताकि एक भी वोट इधर से उधर ना होने पाए। कई राज्यों के कांग्रेस नेताओं का जयपुर में जमावड़ा लगा हुआ है ताकि कोई भी विधायक टूट न पाए। मध्य प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात में जो स्थिति हुई है कांग्रेस ने उससे सबक लिया है। कांग्रेस पार्टी अब किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं उठाना चाहती है। कांग्रेस हर संभव प्रयास में जुटी हुई है कि राज्य सरकार और राज्यसभा की किसी भी सीट पर मुश्किल खड़ी ना हो। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कमान अपने हाथों में ले रखी है। वह हर स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एजेंसीयों के द्वारा कांग्रेस से लेकर भाजपा तक के विधायकों के हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। इसी बीच बता दें कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि कांग्रेस राज्यसभा में दोनों सीटों पर जीतेगी। भाजपा लोकतंत्र की हत्या करने में लगी हुई है।राजस्थान में कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं यहां भाजपा के मंसूबों को कामयाबी नहीं मिलेगी। वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी सीएम गहलोत पर जमकर निशाना साधा। पुनिया ने कहा कि सीएम विधायकों से माफी मांगे। क्या उनको लगता है कि विधायकों की कीमत ₹25 करोड़ रुपए है। क्या उन्होंने राजस्थान में दो बार बसपा और निर्दलीयों को ऐसा कुछ दिया था। भाजपा पर गहलोत का आरोप बेबुनियाद है। अगर उनके पास कोई सबूत है तो उसे सामने लाएं।