भीलवाड़ा में एक और मामला सामने आया है। जहां एक मासूम बच्ची को मामूली बुखार होने के बाद उसके ही मां-बाप एक भोपे के पास डाम लगवाने ले गए। यह घटना भीलवाड़ा के रायपुर क्षेत्र के कोट गांव की है। जहां डाम लगवाने से एक 2 साल की मासूम की तबियत बिगड़ गई है। इसके बाद शनिवार देर रात को मासूम को महात्मा गांधी अस्पताल में लाया गया है। जहां वह अपनी जिंदगी-मौत से लड़ रही है।2 किलोमीटर दूर पालरा गांव लेकर गए।

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यहां उनके ही समाज का एक बुजुर्ग डाम लगाने का काम करता है। उस बुजुर्ग ने गर्म सरिए से गीता के पेट पर भी डाम लगा दिया। डाम लगाने के बाद गीता राेने लगी लेकिन उसे मां बाप घर लेकर आ गए। लेकिन, 3 घंटे बाद गीता की तबियत ज्यादा खराब हो गई और उसकी सांसे भी उखड़ने लगी। ऐसे में गीता के मां-बाप और नानी उसे अस्पताल लेकर आए। बच्ची के पेट पर डाम का घाव देखकर डॉक्टर पूरी कहानी समझ गए और पुलिस को भी सूचना दी।