व्हीलचेयर गर्ल की कहानी:केरल की मारिया बिजू बालकनी से गिरने के बाद हुईं पैरालाइज्ड, कई महीने अस्पताल में बिताए, एक बार फिर हिम्मत दिखाई और डॉक्टर बनकर कामयाबी की मिसाल बनी केरल में 25 साल की डॉ. मारिया बिजू व्हीलचेयर बाउंड गर्ल हैं। फिर भी जिंदगी से हार मानकर बैठ जाने के बजाय बिजू ने मुश्किलों का सामना किया। उसने अपनी एमबीबीएस डिग्री पूरी की। 2015 में बिजू ने केरल के थोडूपुजा स्थित अल अजहर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कोर्स के लिए एडमिशन लिया था। उन्हें आज भी वो दिन याद है जब 5 जून 2016 को मेडिकल कॉलेज के होस्टल में कपड़े सुखाने के लिए बालकनी के गीले फ्लोर से फिसल कर वह सेकंड फ्लोर से नीचे गिर गईं थीं गिरन से पैरालाइज्ड हो गया। उसके बाद उनकी सर्जरी हुई और उन्हें चार महीने तक रिहैबिलिटेशन थैरेपी के लिए वैल्लोर के सीएमसी में रखा गया। लंबा समय अस्पताल में बिताने के बाद वे एक बार फिर हिम्मत करके उठी और कॉलेज जाने लगी। बिजू के मुताबिक, ”ऑपरेशन के बाद का समय भी मेरे लिए मुश्किल था। मुझे अपनी उंगलियों में सेंसेशन महसूस करना था ताकि मैं एग्जाम में लिख सकूं। लेकिन इतना लिख पाना मेरे लिए असंभव था। हालांकि यूनिवर्सिटी ने मेरी हालत को देखते हुए मुझे अपने पेपर किसी और से लिखवाने की अनुमति दे दी थी। मैंने अपने पेपर अन्य मेडिकल स्टूडेंट से लिखवाए और खुद को एक बार फिर पूरी तरह ठीक करने में समय बिताया ‘बिजू को इस बात का दुख है कि उनकी शारीरिक अवस्था को देखते हुए उनके सर्जन बनने का सपना अधूरा ही रह गया। फिलहाल वे एमडी करने की तैयारी कर रही हैं। बिजू अपने स्कूल में एथलीट भी रह चुकी हैं। पढ़ाई के अलावा वे अपना समय स्केचिंग करने में बिताती हैं। वे पूरी तरह ठीक होकर सोलो ट्रेवलिंग करना चाहती हैं।