हाईकोर्ट के फैसले को लेकर जा सकते है सुप्रीम कोर्ट: जादौन

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। प्रदेश की सियासी गर्माहठ के बीच आज राजस्थान हाईकोर्ट में 5 जनहित याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इन ​याचिकाओं में एक याचिका विधायकों के वेतन भत्ते की पत्रकार वि​वेक सिंह जादौन की थीं, जिसे हा​ईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट के सीजे इंद्रजीत महांति की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए पत्रकार विवेक सिंह जादौन की याचिका को खारिज कर दिया।

फैसला आने के बाद विवेक सिंह जादौन ने बताया कि हाईकोर्ट ने जो फैसला दिया है, वो हमें मान्य है। कोर्ट ने फैसले में याचिका को खारिज कर अभीवेदन का अधिकार दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि हम इस फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी जा सकते है।

गौरतलब है कि विवेक सिंह जादौन ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर होटलों में रुके विधायकों को वेतन भत्ते रोकने को लेकर यह कहते हुए चुनौती दी थी कि कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश में वित्तीय हालात बहुत खराब है। लेकिन खराब वि​त्तीय स्थिति होने के बावजूद भी प्रदेश के विधायक अपने मौजूदा विधानसभा क्षेत्रों में नहीं जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने जनहित याचिका में कहा कि विधायक ना तो इस समय अपने क्षेत्र में जानकर आमजन की परेशानियों की सुनवाई कर रहे है और ना ही कोई विधायी कार्य कर रहे है। ऐसे में उन्हें वेतन-भत्तों का भुगतान क्यों किया जाए?

इसके अलावा जादौन ने याचिका में बताया कि विधायक आपसी प्रतिस्पर्धा के चलते आमजन के धन का दुरूपयोग कर रहे है। इसलिए जयपुर व मानेसर की होटलों में रुके हुए विधायकों के वेतन-भत्तों को रोका जाए। याचिका में सीएम सहित विधानसभा स्पीकर, विधानसभा सचिव व मुख्य सचिव को पक्षकार बनाया है। बता दें कि प्रदेश में इस समय दो खेमे बन गए है एक गहलोत खेमा और दूसरा पायलट खेमा। बहरहाल बता दें कि हाईकोर्ट ने आज राज्यपाल से जुड़ी 2 महत्वपूर्ण जनहित याचिकाओं को भी खारिज कर दिया।