जयपुर|Mahima Jain:भांकरी निवासी सिलीगुडी में तैनात सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर सीताराम जांगिड को अंतिम विदाई दी गई। सीताराम जांगीड का पार्थिव देह पहले जयपुर से स्थानीय थाना प्रागपुरा पहुँचा। प्रागपुरा से पार्थिव देह ससम्मान तिरंगा रैली के साथ पैतृक गांव भांकरी लाया गया। वही ग्राम भांकरी मे जैसे ही सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर सीताराम जांगिड का पार्थिव शरीर पहुंचा पूरा इलाका गमगीन हो गया। तिरंगा में लिपटा था शव का पार्थिव शरीर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा में लिपटा हुआ जैसे ही गांव में प्रवेश किया वैसे ही भारी संख्या में जुटे लोगों ने फूल बरसा कर सीताराम जांगिड को श्रद्धांजलि दी

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5 किलोमीटर लंबी कतारें लगी

5 किलोमीटर लंबी कतारें लगी थी। जहां लोगों ने सीताराम जांगिड के पार्थिव शरीर पर फूल बरसाए। इस दौरान सीताराम जांगिड अमर रहे के नारे लगातार गूंजते रहे । वही विधायक इंद्राज गुर्जर, पूर्व विधायक डॉ. फूलचंद भिंडा, पावटा प्रधान प्रतिनिधि जगन चौधरी, पूर्व प्रदेश महामंत्री कुलदीप धनकड, रानी रत्ना कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता कन्हैयालाल मीणा, सहित जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणो ने सीताराम जांगिड को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सीताराम जांगिड की निजी जमीन पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।

बेटियों ने दी मुखाग्नि

सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर सीताराम जांगिड के चार पुत्रिया है। जिनमें से रंजना व रिंकी ने अपने पिता के शव को कंधा व मुखाग्नि दी। इस दौरान सीआरपीएफ और जिला प्रशासन की ओर से पूरे विभागीय सम्मान के साथ सीताराम जांगिड को अंतिम विदाई दी गई। इस मौके पर लखनऊ से आरपीएसएफ उपनिरीक्षक सुधांशु विकास दास, डीएस परमार, पीएस मीणा व दिल्ली से गणेश क्षत्रीय सहित 11 कांस्टेबल ने उन्हें शोक शस्त्र के साथ अंतिम विदाई दी। वही साथ आये बटालियन के जवानो द्वारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा परिजनों को सौपा गया।

परिवारजन का रो-रो कर बुरा हाल

वही कोटपुतली वृत्ताधिकारी ईश्वर सिंह, प्रागपुरा थाना प्रभारी हवा सिंह बड़ी संख्या में पुलिस बल उपस्थित रहे। वही सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर सीताराम जांगिड के निधन के बाद परिवार में दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। पिता प्रह्लाद जांगिड, माता अनारी देवी, पत्नी गीता देवी सहित पुत्री रंजना, रिंकी, माही, भूमिका का रो-रोकर बुरा हाल है। वही सीताराम जांगिड के निधन पर गांव व आस पास के क्षेत्रों मे माहौल गमगीन हो गया। गांव मे सन्नाटा पसर गया। वही घरों मे चूल्हे तक नही जले। वही जानकारी के अनुसार सीताराम जांगिड छ: भाई है जिनमे ये सबसे छोटे थे।