सामने आई एसएमएस अस्पताल की लापरवाही, जिंदगी खोनी पड़ी जुनैद को…

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। सवाई मानसिंह अस्पताल प्रदेश का सबसे बड़ा हॉस्पिटल है। यहां पर हर बीमारी का ईलाज कराने के लिए हर हिस्से से मरीज आते है। लेकिन हाल ही में एसएमएस अस्पताल से डॉक्टरों की लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया जिसमें मरीज को इसकी कीमत अपनी जिंदगी गंवाने से चुकानी पड़ी।

बता दें कि हाल ही में जुनैद नाम के एक व्यक्ति को गंभीर हालत में परिजन एसएमएस अस्पताल लेकर आए। परिजनों ने डॉक्टरों को कहा कि मरीज की हालत गंभीर इसे आईसीयू वार्ड में भर्ती कर इसका ईलाज करें। लेकिन डॉक्टरों ने मरीज के परिजनों की एक ना सुनी और मरीज को सामान्य वार्ड में भर्ती करा दिया। लेकिन मरीज के परिजन डॉक्टरों से गुहार लगाते रहे कि जुनैद की हालत बहुत खराब है, इसे आईसीयू में भर्ती करे। लेकिन डॉक्टरों ने एक ना सुनी। इतना ही नहीं परिजनों ने जुनैद की जान बचाने के लिए प्रदेश के चिकित्सा एंव स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा, एमएलए अमीन कागजी के पीए और राजस्थान सरकार के मुख्य सचेतक महेश जोशी से भी फोन करवाया और उसके बाद अस्पताल के सुपरिटेंड डॉक्टर योगेश शर्मा और डॉक्टर संजीव माथुर के पास गया।

उन्होंने कहा कि आईसीयू में जाकर मेरी बात करना देना। परिजन मरीज को लेकर इधर उधर भागते रहे। लेकिन वहां के स्टॉफ ने जुनैद को आईसीयू भर्ती करने से मना कर दिया और कुछ भी नहीं हो सका और आखिर में पूरी रात तड़पड़ाते हुए जुनैद ने दूसरे दिन सुबह दम तोड़ दिया। जुनैद के परिवार वाले डॉक्टरों से गुहार लगाते रहे, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने एक न सुनी और आखिर में जुनैद इस दुनिया को अलविदा कह गया। अब ऐसे में प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल से क्या आस लगाई जा सकती है। जहां गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं। ऐसे पता नहीं ओर कितने केस होगे, जहां गरीब मरीजों की सुनने वाला कोई नहीं। ऐसे में सुविधाओं से युक्त अस्पताल का क्या फायदा।

लेकिन मृतक जुनैद के परिवार ने अस्पताल प्रशासन से विनती की हमारी तरह किसी मां का बेटा इस तरह नहीं मरे। इसलिए कोई भी गंभीर मरीज अस्पताल आएं तो उसकी पूरी सार संभाल और उसे जरूरी उपचार देवें। आज अगर मेरे बेटे को आईसीयू में भर्ती कर उसका ईलाज कर दिया होता तो आज वो हमारे बीच में होता।